स्तन कैंसर

स्तन या ब्रैस्ट में होने वाले कैंसर को स्तन कैंसर कहा जाता है| इसे एक खतरनाक रोग कहा जा सकता है क्योंकि समय पर इलाज न मिलने पर इससे उत्पन्न जोखिम बढ़ती जाती है जिससे रोगी की मृत्यु हो सकती है. आकड़े के अनुसार प्रत्येक आठ में एक महिला स्तन कैंसर की गिरफ्त में है. जानकारी के आभाव एवं छुपाने की प्रवृत्ति के कारण यह बीमारी खूब फल-फुल रही है| डॉक्टर का कहना है की अगर समय पर ब्रैस्ट कैंसर का पता चल जाये तो वर्तमान में इस बीमारी का बेहतर और विभिन्न तरह के इलाज उपलब्ध है जिससे इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है. इसीलिए ब्रैस्ट कैंसर के लक्षणों की नियमित तौर पर घरेलू जाँच और क्लीनिकली जाँच किया जाना आवश्यक है तथा कुछ ऐसे संभावित लक्षण जो की इस बीमारी के सॉफ्ट टारगेट है, से परहेज करना चाहिए. हम इस पोस्ट में हिंदी में स्तन कैंसर की पूरी जानकारी पर बात करेंगे| हम देखेंगे की स्तन कैंसर क्या है? इसका कारण क्या हो सकता है? इसके लक्षण क्या है? इसकी जांच कैसे किया जाता है? इस दरम्यान क्लीनिकली जांच के आलावा घर पर जांच कैसे करे. इस बात को भी हम जानेंगे| हम ब्रैस्ट कैंसर के इलाज़, बचाव के उपाय तथा सम्बन्धित महत्वपूर्ण बातों पर भी चर्चा करेंगे| आइये चर्चा की शुरुआत करते है| ब्रैस्ट कैंसर इन हिंदी.

स्तन कैंसर

स्तन कैंसर क्या है- व्हाट इज ब्रैस्ट कैंसर


स्तन कैंसर या ब्रैस्ट कैंसर की निम्न बिन्दुओं के माध्यम से एक सामान्य समझ हासिल की जा सकती है|
  • कैंसर शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है इसी तरह स्तन में होने वाले कैंसर को स्तन कैंसर या ब्रैस्ट कैंसर कहा जाता है| यह स्तन की कोशिकाओं में एक ट्यूमर के रूप में होता है| अगर ट्यूमर कोशिका से बढ़ते हुए उत्तक तक पहुंच जाती है तो यह जानलेवा हो जाती है| स्तन में इसे गांठ के रूप में महसूस किया जा सकता है या ऐसा भी हो सकता है कि यह गांठ के रूप में प्रदर्शित न हो और सिर्फ एक्स-रे में ही दिखाई दे इसीलिए स्तन की नियमित जांच की जानी आवश्यक है|
  • स्तन कैंसर आमतौर पर महिलाओं में होता है, लेकिन यह पुरुषों में भी हो सकता है| इस बीमारी के आंकड़े दिल दुखाने वाले हैं| हर में से एक महिला स्तन कैंसर से प्रभावित हैभारत में हर साल इससे 10 लाख नये केश जुड़ते है छिपे और छिपाने की प्रवृत्ति से, चाहे वह लोक लाज हो या फिर जानकारी का अभाव, इस बीमारी की जड़ काफी मजबूत हुई है| लेकिन यह आशाजनक है की भारत सहित विश्व इस दिशा में जागरूक हो रहा है|
  • स्तन कैंसर की शुरुआत स्तन के किसी भी भाग से हो सकती है परंतु अधिकतर कैंसर के ट्यूमर स्तन की नलिकाओ में शुरू होते हैं जो नलिका स्तन दुग्ध परिवहन के लिए उत्तरदाई होती है| इसके अलावा स्तन दुग्ध का निर्माण करने वाली ग्रन्थियों में भी ट्यूमर शुरू हो सकता है|
  • देखा गया है कि आमतौर पर स्तन कैंसर स्तन में एक गांठ बनाता है लेकिन यह निश्चित नियम नहीं है| सभी स्तन कैंसर में ऐसा नहीं होता और ऐसे कैंसर की पहचान स्क्रीनिंग मैमोग्राम पर की जा सकती है| अतः यह आवश्यक है कि स्तन कैंसर से जुड़ी अन्य लक्षणों को भी गंभीरता पूर्वक समझकर ध्यान दिया जाए तथा नियमित अंतराल पर इसकी जांच करवाई जाए| ऐसा इसलिए भी आवश्यक है कि स्तन कैंसर वाले कई महिलाओं में स्तन कैंसर के कोई लक्षण नहीं होते| यही कारण है कि नियमित स्तर पर कैंसर की जांच करवाना अत्यधिक महत्वपूर्ण है|

स्तन कैंसर के कारण- कौजेज ऑफ़ ब्रैस्ट कैंसर


 स्तन कैंसर के कारण के बारे में निश्चित तौर पर कुछ नही कहा जा सकता है| अभी तक इसके कारणों का का ठीक-ठीक पता नही लगाया जा सका है| परन्तु डॉक्टर्स और शोधकर्ताओ के अनुसार कुछ् ऐसे कारक है, जो ब्रैस्ट कैंसर की सम्भावना को बढ़ा देते है| ऐसे संभावित कारक निम्न हो सकते है
  • बढती उम्र- बढती उम्र के साथ ब्रैस्ट कैंसर की सम्भावना बढती जाती है|
  • स्त्री होना- एक पुरुष के मुकाबले एक स्त्री में इसके होने के सम्भावना अधिक होती है अतः इस अर्थ में स्त्री होना भी अपने आप में एक संभावित कारक है|
  • अगर स्तन का बायोप्सी हुई है और Loblular carcinoma in situ या Atypical hyperplasia of the breast पाया गया है तो स्तन कैन्सर होने के सम्भावना बढ़ जाती है|
  • स्तन कैंसर का इतिहास-अगर घर के किसी एक सदस्य को स्तन कैन्सर हुआ है तो बाकि सदस्यों को इसके होने की सम्भावना बढ़ जाती है| परन्तु अधिकांश जिनमें स्तन कैन्सर पाया गया है उनकी ऐसी कोई इतिहास नही होती है| जो महिला आनुवंशिकी रूप से BRCA 1 और BRCA 2 जींस को पाप्त करती है| उनमें ब्रैस्ट कैंसर होने की सम्भावना ज्यादा होती है|
  • हानिकारक रेडिएशन के सम्पर्क में आना
  • मोटापा (Obesity) और अधिक वजन|
  • छोटी उम्र से मासिक धर्म का प्रारम्भ होना या लम्बे समय तक जारी रहना- कम उम्र जैसे 12 साल से पहले ही मासिक धर्म प्रारम्भ हो जाना या अधिक उम्र के बाद भी मासिक धर्म का बना रहना स्तन कैंसर की सम्भावना को बढ़ाता है
  • अल्कोहल लेना अधिक मात्रा में अल्कोहल लेना भी स्तन कैंसर की संभावनाओं को बढ़ाता है|
  • कभी माँ न बनना- वो वुमन जो कभी प्रेग्नेंट नहीं हुई है उसमे, एक या दो बार प्रेगेंट हुई महिला के मुकाबले स्तन कैंसर होने के ज्यादा चांस होते है|

स्तन कैंसर का लक्षण- सिमटम्स ऑफ़ ब्रैस्ट कैंसर


इसके कुछ सामान्य लक्षण निम्नलिखित हो सकते है

  • दोनों स्तनों के आकार में परिवर्तन,
  • निप्पल के आकार में असहज परिवर्तन,
  • निप्पल के पास किसी प्रकार का अन्य उभार, (Newly Inverted Nipple)
  • स्तन में या बगल की तरफ किसी भी प्रकार के गांठ (Lump) का होना,
  • निप्पल से किसी भी प्रकार का डिस्चार्ज- बिना किसी तरह के दबाब के निप्पल से कोई स्त्राव निकलना (Release) होना,
  • स्तन में अधिक खुजली का होना जो की क्रीम लगानें पर भी आराम न हो,
  • स्तन में दर्द, लालिमा या सुजन का होना |
ये कुछ सामान्य लक्षण है जो की इस रोग की सम्भावना को बताते है| परन्तु यह रोग जिन महिलाओं में पाई गई  है| उनमे से एक बड़ी संख्या में कोई लक्षण विशेष तौर पर नही पाया गया था| इसीलिए नियमित रूप से क्लीनिकली जाँच आवश्यक है|

स्तन कैंसर की जाँच- डायग्नोसिस ऑफ़ ब्रैस्ट कैंसर


स्तन कैंसर की घर पर जाँच कैसे करे

स्तन कैंसर की घर पर जाँच कैसे करे

कुछ बातों को ध्यान से समझकर स्तन कैंसर की जाँच घर पर की जा सकती है| परन्तु इसके बाबजूद साल में एक या दो बार नियमित रूप से क्लीनिकली जाँच करवानी चाहिए| घर पर खुद से ब्रैस्ट कैंसर की जांच करने की सरल विधि इस प्रकार है-
  • आईने के सामने खड़े होकर जाँच- स्तन कैंसर की घरेलू जाँच का यह सबसे सरल तरीका है| इस जांच के लिए एक ऐसे आईने (Mirror) के सामने खड़ी हो जाएँ जिसमे आपके बॉडी स्पष्ट रूप से नजर आती हो| दोनों हाथ को नीचे रखे और ध्यान पूर्वक निम्न बातों पर गौर करें|
    • दोनों स्तनों के आकार में कोई अंतर तो नही है?
    • दोनों स्तनों के निप्पल के आकार, बनावट, गोलाई में कोई अंतर तो नही है?
    • निप्पल से किसी प्रकार का स्त्राव तो नही हो रहा है?
      • दोनों हाथो को उपर ले जाकर पुनः उपर्युक्त तीनों बातों पर गौर करें|
  • लेटकर जाँच- इस प्रोसेस द्वारा भी सरल ढंग से ब्रैस्ट कैंसर के जोखिमो का पता लगाया जा सकता है| इसके लिए पीठ के बल लेट जाएँ| अपने कंधे के निचे एक तकिया लगा लें| बाएँ हाथ को मोड़कर सर के निचे रखे| फिर दाहिने हाथ की हथेली से हल्के दबाब से स्तनों को दबाकर गाँठ की जाँच करे| यही प्रकिया हाथ बदलकर दोहराए| यानि दाहिने हाथ को मोड़कर सर के निचे रखें और बाएँ हाथ की हथेली से हल्के दबाब से स्तनों को दबाकर गाँठ की जाँच करे|
  • बगल ( Armpit) की तरफ से जाँच– इस जाँच को बैठकर या खड़े होकर किसी भी तरह से किया जा सकता है| इसमें बाई बांह को नीचे करके उंगलियों के समतल हिस्से से बाई बगल में दबाव डालते हुए जांच करें। इसी तरह दाई ओर से भी इस प्रक्रिया को दोहराकर दाएं स्तन की जांच करें|
NOTE-  जाँच के लिए आमतौर पर महीने का कोई एक दिन निर्धारित किया जा सकता है| परन्तु मासिक धर्म प्रारम्भ होने के 7 वें  दिन से 10 वें का निर्धारण किया जाए तो ज्यादा उचित है|

स्तन कैंसर की क्लीनिकली जाँच

  • स्तन की जाँच (breast exam)– डॉक्टर द्वारा स्तन की गांठ और दुसरे लक्षणों का परिक्षण किया जाता हैडॉक्टर द्वारा बैठने, खड़े होने, हाथ उठाने और हाथ को अलग अलग पोजीसन में ले जाने को कहा जा सकता है जैसे -सिर के पास, बगल में आदि पोजीसन में|
  • इमेजिंग टेस्ट (Imaging tests)
  • मैमोग्राम (Mammogram)- आरम्भिक रूप से स्तन कैंसर के जाँच के लिए मैमोग्राम का उपयोग किया जाता है| मैमोग्राम एक्स-रे का एक प्रकार है| इससे स्तन के किसी भी प्रकार के गांठ और अन्य चीजो का पता चलता है| परन्तु यह कैंसर का पता नही लगाता है| इससे ससपिसियस (suspicious) एरिया का पता चलता है| इसके द्वारा स्तन का बेहतर पिक्चर प्राप्त किया जाता है| इसमें स्तन को एक विशेष मशीन की प्लेट पर रखा जाता है| प्लास्टिक की प्लेटे बेहतर परिणाम (अच्छा फोटो ) प्राप्त करने के लिए स्तन को दबाती है| कुछ महिलाओ का कहना है की इस प्रक्रिया में दर्द नही होता है|
अवेयर माय इंडिया
  • अल्ट्रासाउंड (ultrasound)
  • M R I स्कैन (MRI Scan)
  • बायोप्सी (Biopsy)

स्तन कैंसर का इलाज़


ब्रैस्ट कैंसर का इलाज कई कारको पर निर्भर करता है जैसे – यह किस प्रकार का है, किस स्टेज में है,इसके अलावा मरीज के हार्मोन, उम्र, खून,अन्य कोई रोग, पूरें स्वास्थ्य पर निर्भर करता है|
इलाज के लिए मुख्यतः विकल्प है-
  • सर्जरी (surgery)
  • हार्मोन थेरेपी (hormone therapy)
  • कीमोथेरपी (chemotherapy)
  • बायोलोजिकल थेरेपी (biological therapy)
  • रेडिएसन थेरेपी (Radiation therapy)

स्तन कैंसर से सम्बन्धित महत्वपूर्ण बातें-

  • किसी भी तरह का गांठ (lump) महसूस होने पर, या स्त्राव या निप्पल के आकार में परिवर्तन महसूस होने पर या निप्पल के पास दुसरे निप्पल के तरह का कुछ निकलने सा होना (newly inverted nipple) पर तुरंत डॉक्टर से मिलें| हालाँकि स्तन में होने वाले सभी प्रकार की गांठ कैंसर है ऐसा नही कहा जा सकता है, पर हो सकता है की वह गांठ कैंसर ही हो, और छुपाने से देर हो जाए|
  • स्तन कैंसर से सम्बधित कोई भी शक होने पर या कुछ सम्भावना के सूत्र ज्ञात होने पर ऐसा बिलकुल भी न सोचें की मेरे किसी नजदीकी को स्तन कैंसर नही है, मैं ड्रिंक भी न करती हु,ये किसी और प्रकार का गांठ हैमैं संभावित कारको में किसी के अंतर्गत न आती इत्यादि- इत्यादि तो मुझे स्तन कैंसर न हो सकता है | हो सकता है की आप सही हो| पर स्तन कैंसर के ज्यादातर केसों में पीड़ित महिलाओ में शुरूआती लक्षण नही थे और न ही वे सॉफ्ट टारगेट के अतर्गत आती थी| इसके अलावा एक बात ध्यान देने योग्य है की स्तन कैंसर के कारणों का ठीक ठीक पता अभी तक नही चल पाया है| इसके सिर्फ कॉमन कारको का ही पता चल पाया है| अतः तुंरत ही इसे श्योर करने की आवश्यकता है|
  • अगर किसी महिला में स्तन कैंसर पाया भी जाता है तो बिलकुल चिंता न करे, आज के समय में इसका पूर्ण और सुरक्षित इलाज़ मौजूद है| सिर्फ यह एहतियात बरतना जरुरी है की इसका पता जल्दी जल सके| ताकि कम जोखिम में ही इसे क्योर किया जा सके|
  • अगर आप अपना परिक्षण नही करती तो आप भौतिक, नैतिक, दैविक सभी दृष्टि से पाप कर रही है| इसीलिए आज से अपना परिक्षण स्टार्ट कर देंजाँच के लिए आमतौर पर महीने का कोई एक दिन निर्धारित किया जा सकता है| परन्तु मासिक धर्म प्रारम्भ होने के 7 वें  दिन से 10 वें का निर्धारण किया जाए तो ज्यादा उचित है|

स्तन कैंसर से बचाव हेतु कुछ उपाय

  • वजन को अधिक न बढ़ने दें,
  • अधिक ड्रिंक न लें,
  • उचित संतुलित और स्वास्थ्यप्रद भोजन लें,
  • नियमित रूप से व्यायाम करें,
  • स्तनपान करानें वाली वुमन अनिवार्य रूप से स्तनपान कराएँ,
  • प्रयाप्त नींद लें,
  • स्तनों की नियमित जाँच|
स्तन कैंसर जैसे रोग को दूर करने के लिए हमें सावधान होने की जरूरत है, सतर्क होने की जरूरत है| हमे स्वयं जागरूक होने की आवश्कता है और लोगों को भी जागरूक करने की जरूरत है| हमें अपने समाज से झूठी इज्ज़त की मानसिकता को हटाना होगा, इज्ज़त वो है की हमे कोई रोग न सताएं हम स्वस्थ रहेंइन्ही संदर्भ में मैंने स्तन कैंसर को आपके सामने रखने का प्रयास किया है|


प्रिय विजिटर इस तरह आपने अवेयर माय इंडिया के हिंदी आर्टिकल स्तन कैंसर-ब्रैस्ट कैंसर को पढ़ा| अगर आपका इससे संबंधित कोई प्रश्न या सुझाव हो तो कमेंट जरुर करें| आशा है की हमारे अन्य आर्टिकल की तरह ही आप इस आर्टिकल से भी लाभान्वित होंगे| हम इस बात को महसूस कर रहे है की आपके और बेहतर सुविधा के लिए इस साईट में कई सुधार किया जाना अपेक्षित है| आप सरीखे विजिटर के स्नेह और सुझाव से हम इस साईट में निरंतर सुधार कर रहे है और हमें विश्वास है की आगे के समयों में हम आपको और भी बेहतर सुविधा दे पाएंगें| लेकिन इस हेतु आपसे अनुरोध है की आप हमारे कांटेक्ट अस पेज के माध्यम से अपना विचार एवं अपना बहुमूल्य सुझाव हम तक जरुर प्रेषित करें| इस आर्टिकल को पढ़ने तथा अवेयर माय इंडिया साईट पर विजिट करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद|

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