आयुष्‍मान भारत-राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा मिशन

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “आयुष्‍मान भारत” योजना में प्रति वर्ष प्रति परिवार को पांच लाख रुपये का लाभ कवर किया गया है। इस योजना के लक्षित लाभार्थी दस करोड़ से अधिक गरीब और कमजोर आबादी वाले परिवार होंगे। इस योजना में राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना (आरएसबीवाई) तथा वरिष्‍ठ नागरिक स्‍वास्‍थ्य बीमा योजना (एससीएचआईएस) समाहित होंगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना को लांच करने की स्‍वीकृति दे दी है।
आयुष्‍मान भारत-राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा मिशन

पृष्‍ठभूमि


2008 में श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा एक योजना आरएसबीवाइ लांच किया गया था| इसमें गरीबी रेखा के नीचे के पांच सदस्‍यों वाले परिवारों तथा असंगठित श्रमिकों की 11 अन्‍य परिभाषित श्रेणियों पर प्रतिवर्ष 30000 रुपये के लाभ कवरेज के साथ रोकड रहित स्‍वास्‍थ्‍य बीमा का प्रावधान है। आरएसबीवाई को स्‍वास्‍थ्‍य प्रणाली से एकीकृत करने तथा इसे भारत सरकार के व्‍यापक स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा विजन का हिस्‍सा बनाने के लिए आरएसबीवाई को 01-04-2015 से स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय को हस्‍तांतरित कर दिया गया। 2016-17 के दौरान 3.63 करोड़ परिवार देश के 278 जिलों में आरएसबीवाइ के अंतर्गत कवर किए गये और ये परिवार 8,697 पैनल में शामिल अस्‍पतालों में इलाज सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। एनएचपीएस इस तथ्‍य को ध्‍यान में रखते हुए लाया गया है कि विभिन्‍न केन्‍द्रीय मंत्रालय तथा राज्‍य/केन्द्र शासित प्रदेशों की सरकारों ने अपने लाभार्थियों के लिए स्‍वास्‍थ्‍य बीमा/ सुरक्षा योजनाएं लागू की है। इन योजनाओं में मेलमिलाप करने की महत्‍वपूर्ण आवश्‍यकता है ताकि सुधरी सक्षमता, पहुंच तथा कवरेज का लक्ष्‍य हासिल किया जा सके।

प्रमुख विशेषताएं


  • इस योजना के तहत प्रति वर्ष प्रति परिवार पांच लाख रुपये का परिभाषित लाभ कवर होगा| यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई व्‍यक्ति‍ (महिलाएं, बच्‍चे तथा वृद्धजन) छूट न जाए, इसलिए योजना में परिवार के आकार और आयु पर किसी तरह कीसीमा नहीं होगी। लाभ कवर में अस्‍पताल में दाखिल होने से पहले और दाखिल होने के बाद के खर्च शामिल किए जाएंगे। बीमा पॉलिसी के पहले दिन से विद्यमान सभी शर्तों को कवर किया जाएगा। लाभार्थी को हर बार अस्‍पताल में दाखिल होने पर परिवहन भत्‍ते का भीभुगतान किया जाएगा।
  • इस योजना का लाभ पूरे देश में मिलेगा और योजना के अंतर्गत कवर किये गये लाभार्थी को पैनल में शामिल देश के किसी भी सरकारी/ निजी अस्पताल से कैश्लेश लाभ लेने की अनुमति होगी|
  • यह एक पात्रता आधारित योजना होगी और पात्रता एसईसीसी डाटा बेस में वंचन मानक के आधार पर तय की जाएगी। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्‍न श्रेणियों में ऐसे परिवार शामिल हैं  जिनके पास कच्‍ची दीवार और कच्‍ची छत के साथ एक कमरा होऐसे परिवार जिनमें 16 से 59 वर्ष की आयु के बीच का कोई व्‍यस्‍क सदस्‍य नहीं है, ऐसे परिवार जिसकी मुखिया महिला है और जिसमें 16 से 59 आयु के बीच का कोई व्‍यस्‍क सदस्‍य नहीं हैऐसा परिवार जिसमें दिव्‍यांग सदस्‍य है और कोई शारीरिक रूप से सक्षम व्‍यस्‍क सदस्‍य नहीं हैअनुसुचित जाती या अनुसूचित जनजाति परिवारमानवीय आकस्मिक मजूदरी से आय का बड़ा हिस्‍सा कमाने वाले भूमिहीन परिवार हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे परिवार स्‍वत: शामिल किये गये हैं, जिनके रहने के लिए छत नहीं है, निराश्रित,  खैरात पर जीवन यापन करने वाले, मैला ढोने वाले परिवारआदिम जनजाति समूहकानूनी रूप से मुक्‍त किए गये बंधुआ मजदूर हैं।
  • इस योजना के अंतर्गत एक पैनल के अंतर्गत आने वाली सरकारी और निजी दोनों अस्‍पतालों में लाभ प्राप्त किया जा सकेगा। इस पैनल में कौन से अस्पताल आएँगे उनका विवरण इस प्रकार है- आयुष्‍मान भारत-राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा मिशन लागू करने वाले राज्‍यों के सभी सरकारी अस्‍पतालों को योजना के लिए पैनल में शामिल समझा जाएगा, कर्मचारी राज्‍य बीमा निगम से जुड़े अस्‍पतालों को भी बिस्‍तर दाखिला अनुपात मानक के आधार पर पैनल में शामिल किया जा सकता है। निजी अस्‍पताल निर्धारित मानक पूरा करने पर ऑन लाइन तरीके से पैनल में शामिल किए जाएंगे।
  • आयुष्‍मान भारत-राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा मिशन का एक प्रमुख विशेषता यह है की यह सहकारी संघवाद और राज्‍यों को लचीलापन की व्यवस्था करता है। इसमें सह-गठबंधन के माध्‍यम से राज्‍यों के साथ साझेदारी का प्रावधान है योजना को लागू करने के तौर तरीकों को चुनने में राज्‍य स्‍वतंत्र होंगे। राज्‍य बीमा कंपनी के माध्‍यम से या प्रत्‍यक्ष रूप से ट्रस्‍ट/सोसायटी के माध्‍यम से या मिलेजुले रूप में योजना लागू कर सकेंगे।
  • योजना के लिए नीति निर्देश देने तथा केन्‍द्र और राज्‍यों के बीच समन्‍वय में तेजी लाने के लिए आयुष्‍मान भारत राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा मिशन परिषद गठित करने का प्रस्‍ताव है| इसमें एक आयुष्‍मान भारत राष्‍ट्रीयस्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा मिशन गवर्निंग बोर्ड बनानेका प्रस्‍ताव है जिसकी अध्‍यक्षता संयुक्‍त रूप से सचिव (स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण) तथा सदस्‍य (स्‍वास्‍थ्‍य)नीति आयोग द्वारा की जाएगी।
  • नीति आयोग के साथ साझेदारी में एक मजबूत आईटी प्‍लेटफार्म के जरिए कागज रहितरोकड़ा रहित लेनदेन की जाएगी। इससे संभावित दुरूपयोग की पहचान/धोखेबाजी और दुरूपयोग रोकने में मदद मिलेगी। इसमें सुपरिभाषि‍त शिकायत  समाधान व्‍यवस्‍था होगी
  • यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह योजना वांछित लाभार्थियों तथा अन्‍य हितधारकों तक पहुंचे,एक व्‍यापक मीडिया तथा आउटरिच रणनीति विकसित की जाएगी,जिसमें अन्‍य बातों के अलावा प्रिंट मीडियाइलेक्‍ट्रॉनिक मीडियासोशल मीडिया प्‍लेटफार्मपारंपरिक मीडियाआईईसी सामग्री तथा आउटडोर गतिविधियां शामिल हैं।

प्रमुख प्रभाव


नेशनल सेम्पल सर्वे की 2015 के रिपोर्ट के अनुसार पिछले दस वर्षों के दौरान भारत में रोगी को अस्‍पताल में दाखिल करने का खर्च लगभग 300 प्रतिशत बढ़ा है। 80 प्रतिशत से अधिक खर्च जेब से पूरे किए जाते हैं। ग्रामीण परिवार मुख्‍य रूप से पारिवारिक आय/बचत (68 प्रतिशत) तथा उधारी (25 प्रतिशत) पर निर्भर करते हैं।
     शहरी परिवार अस्‍पताल खर्चों के वित्‍त पोषण के लिए अपनी आय/बचत (75 प्रतिशत) पर और उधारी (18 प्रतिशत) पर निर्भर करते हैं। भारत में जेब से 60 प्रतिशत से अधिक खर्च होता है। इसके परिणामस्‍वरूप बढ़ते स्‍वास्‍थ्‍य खर्चों के कारण 6 मिलियन परिवार गरीबी से घिर जाते हैं। इस रूप में आयुष्‍मान भारत-राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा मिशन का प्रभाव जेब खर्च में कमी करने पर पड़ेगा और इलाज़ की खर्चो के कारण गरीब हो जाने की प्रवृत्ती रुकेगी|
     इसके अलावा इससे गुणवत्‍ता संपन्‍न स्‍वास्‍थ्‍य और चिकित्‍सा सुविधा तक पहुंच बढ़ेगी। वित्‍तीय संसाधनों कीकमी के कारण आबादी की पूरी नहीं की गई आवश्‍यकताएं पूरी होंगी। इससे समय पर इलाज होगा, स्‍वास्‍थ्‍य परिणामों में सुधार होगा, रोगी की संतुष्टि होगी, उत्‍पादकता और सक्षमता में सुधार होगा, रोजगार सृजन होगा और इसके परिणाम स्‍वरूप जीवन की गुणवत्‍ता सुधरेगी।

इस योजना के अंतर्गत कवर किये गये राज्‍य और जिले


आयुष्‍मान भारत-राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा मिशन सभी लक्षित लाभार्थियों को कवर करने के उद्देश्‍य से सभी राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों में प्रारंभ किया जाएगा।


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