कम्प्यूटरों के प्रकार

कंप्यूटर इंसान के लिए किसी वरदान से कम नहीं है| आज यह हमारे जीवन का एक आवश्यक अंग बन गया है| क्या आपको पता है की हम जिस smartphone को बड़े आराम से जेब में लिए घूमते है उसकी क्षमता कुछ दशकों पहले की सुपर कंप्यूटर जैसी है| हम अपने इस पोस्ट में कंप्यूटर के विभिन्न प्रकारों के बारे में बात करेंगे|
कम्प्यूटरों के प्रकार
कंप्यूटर को उनके प्रयोग के आधार पर चार भागों में बांटा जा सकता है|
  1. Micro Computer- माइक्रो कंप्यूटर
  2. Mini Computer- मिनी कंप्यूटर
  3. Mainframe Computer- मेनफ़्रेम कंप्यूटर
  4. Super Computer- सुपर कंप्यूटर

Micro Computer


माइक्रो कंप्यूटर का विकास 1970 के दशक तक हो चूका था| माइक्रो प्रोसेसर लगा होने की वजह से इन्हें माइक्रो कंप्यूटर कहा जाता है| आम इंसान मुख्यतः इसी श्रेणी की कंप्यूटर का प्रयोग करते है| शुरू शुरू  के कंप्यूटर में 8088 माइक्रोप्रोसेसर का प्रयोग किया गया था| ये कंप्यूटर x-tended की श्रेणी में आते थे|
     x- tended श्रेणी के कंप्यूटर के बाद एडवांस्ड टेक्नोलॉजी कंप्यूटर का चलन प्रारम्भ हुआ| x-tended कंप्यूटर का विकाश भी 1985 तक पूरा हो चूका था| इन दोनों श्रेणी के कंप्यूटर में मुलभुत अंतर यह था की शुरू वाले कंप्यूटर 8 बिट के होते थे,जबकि नवीनतम कंप्यूटर 16 बिट से अधिक के थे| नई टेक्नोलॉजी के साथ 64 बिट के कंप्यूटर प्रयोग किये जाने लगे|

Mini Computer


मिनी कंप्यूटर, माइक्रो से बड़े और मेनफ़्रेम से छोटे कंप्यूटरों की श्रेणी में आते हैं| इन कंप्यूटरों का प्रयोग सामान्यतः बड़ी कंपनियों और सरकारी संस्थाओं में होता है| आमतौर पर व्यक्तिगत रूप से इनका प्रयोग नहीं किया जाता|

Mainframe Computer


इस श्रेणी के कंप्यूटर बड़े आकार के होते हैं| इनकी कार्य क्षमता माइक्रो और मिनी कंप्यूटरों की अपेक्षा बहुत अधिक होती है| इनका प्रयोग वैज्ञानिक, व्यापारिक और सरकारी संस्थान डाटा प्रोसेसिंग के लिए करते हैं| एक समय में दो या दो से अधिक व्यक्ति इन कंप्यूटरों का प्रयोग अलग-अलग कार्यों के लिए कर सकते हैं|

Super Computer


सुपर कंप्यूटर अभी तक बने सभी कंप्यूटरों में सबसे अधिक शक्तिशाली है| इन कंप्यूटरों का प्रयोग अंतरिक्ष और परमाणु कार्यक्रमों में खास तौर से किया जा रहा है| इस श्रेणी के कंप्यूटर आकार में बड़े होते हैं| इनकी कार्य क्षमता भी बहुत अधिक होती है |भारत में इन सुपर कंप्यूटरों का निर्माण सी डेक( सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग) नामक संस्था द्वारा किया जाता है| इस संस्था द्वारा  विकसित परम नामक कंप्यूटर की गिनती विश्व के शक्तिशाली कंप्यूटरों में की जाती है|
     सुपर कंप्यूटर की डाटा प्रोसेसिंग की छमता 100000000000 गणनाएं करने से भी अधिक होती है| सुपर कंप्यूटर, अति उच्च स्तर के एकीकृत स्मरण क्षमता वाला बहुत प्रतिक्रियात्मक कंप्यूटर है| इसमें गणना मेगाफ्लॉप्स, टेराफ्लॉप्स, पेंटाफ्लॉप्स आदि इकाइयों में होती है| यह समानांतरीय  प्रक्रिया विधि( जो इसके हार्डवेयर में कार्यान्वित होती है) के आधार पर काम करती है, इसीलिए इसमें अति उच्चस्मरण क्षमता के साथ आंकड़ा संशोधन की अति उच्च गति भी होती है| यही कारण है कि यह बहुत बड़े एवं भारी आंकड़ों का प्रसंस्करण सेकेंडों में कर सकता है|
     इन्हीं गुणों के कारण सुपर कंप्यूटर अंकगणितीय एवं अन्य गणितीय गणना एवं प्रेडिक्शन अति उच्च गति से कर सकता है| इसीलिए इनका उपयोग मौसम- भविष्यवाणी, अनुसंधान, DNA, गणना, अंतरिक्ष अनुसंधान, नाभिकीय जैसे जटिल वैज्ञानिक कार्यों में किया जाता है| विश्व के पहले सुपर कंप्यूटर cdc-600  का विकास 1960 के दशक में हुआ था|

भारत में सुपर कंप्यूटर- एक नजर


भारत में सुपर कंप्यूटर का निर्माण सी डेक ( सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग, अर्थात उन्नत गणना के विकास की केंद्र) नामक संस्था द्वारा किया जाता है| भारत में सुपर कंप्यूटर का विकास 1980 के दशक के मध्य से शुरू हुआ| भारत को फ्लोसोल्वर-MK3 के रूप में प्रथम कामयाबी मिली|  फ्लो सॉल्वर- MK3 का विकास द्रव्य एवं वायु गतिकी के जटिल समस्याओं के समाधान के लिए किया गया था| भारत ने एक के बाद एक  सुपर कंप्यूटर का विकास का प्रयास जारी रखा| परम सुपर कंप्यूटर के विकास के साथ भारत सुपर कंप्यूटर के क्षेत्र में वैश्विक पटल पर आसीन हो गया|
     अधिक क्षमता वाले सुपर कंप्यूटर के विकास का प्रयास जारी रखा गया|  समय के साथ परम 8000, परम 8600, परम 9000, परम 10000 विकसित किए गए| परम 10000 सुपर कंप्यूटर गीगा फ्लॉप्स क्षमता वाला सुपर कंप्यूटर था जिसे टेराफ्लोप्स  क्षमता तक  बढ़ाया जा सकता था|
      इसके बाद एक ऐसे सुपर कंप्यूटर का विकास किया गया जिसकी क्षमता एक टेराफ्लोप्स  थी| यह सुपर कंप्यूटर परम 10000 की तुलना में 10 गुना अधिक शक्तिशाली थी इसे परम पदम कहा गया| इसे सीडेक के  बंगलुरु स्थित टेरा स्केल  सुपर कंप्यूटिंग फैसिलिटी केंद्र में स्थापित किया गया है| इसके विकास के बाद भारत सुपर कंप्यूटर के विकास में एक नवीन अध्याय जोड़ते हुए टेराफ्लोप्स की क्षमता वाली सुपर कंप्यूटर का निर्माण करने वाला विश्व का पांचवां देश बन गया|समय के साथ भारत ने सागा 220, पृथ्वी, परम युवा 2 जैसे सुपर कंप्यूटर बनाया यह सभी विश्व स्तर पर द्रूततम  सुपर कंप्यूटर है|

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