आधार की सेफ्टी के लिए बड़ा कदम-16 अंकों की वर्चुअल ID क्या है पूरी जानकारी

हाल ही में आधारजारी करने वाली बॉडी UIDAI आधार की सुरक्षा को लेकर एक नई व्यवस्था लेकर आई है- 16 अंको की वर्चुअल ID इसे VID भी कहा जाता है| इसका उपयोग सत्यापन और प्रमाणीकरण में आधार के बदले किया जा सकेगा इसके बाद आधार नंबर साझा करने की अनिवार्यता नहीं रह जाएगी| हम इस पोस्ट में आधार की 16 अंको की वर्चुअल ID के बारें में तमाम बातों के बारे में जानेंगे उदाहरण के लिए- आधार की 16 अंको की वर्चुअल ID क्या हैइसे कैसे जनरेट करें? इस वर्चुअल ID (VID) का कहां और क्या उपयोग किया जा सकेगा?इस वर्चुअल ID की वैधता क्या होगी और कितनी बार इसका उपयोग किया जा सकता है? VID को कितनी बार जनरेट किया  जा सकता हैक्या VID को कोई दूसरी बॉडी भी जारी कर सकती है? VID की व्यवस्था कब से लागु होगी ? आइये तमाम प्रश्नों का उत्तर प्राप्त करें|

आधार की सेफ्टी के लिए बड़ा कदम-16 अंकों की वर्चुअल ID

आधार की 16 अंको की वर्चुअल ID क्या है?


यह एक 16 डिजिट का नंबर होगा जिसका उपयोग सत्यापन तथा प्रमाणीकरण के लिए किया जा सकेगा| इसे यूआईडीएआई के पोर्टल से  लगभग 10 सेकंड में जनरेट किया जा सकेगा तथा  इसकी वैधता 1 दिन की होगी| अभी तक सत्यापन तथा प्रमाणीकरण आदि कार्य के लिए  12 अंको का आधार नंबर देना पड़ता था| आधार नंबर के साझा करने की मजबूरी और डेटा लीक होने से संबंधित  उठने वाले विवाद के मद्देनजर आधार जारी करने वाली निकाय uidai ने इस व्यवस्था का इजाद किया है|इस VID (वर्चुअल ID) के जरिए केवल नाम, पता और फोटोग्राफ जैसी आवश्यक चीजों का सत्यापन हो सकेगा| इस बारे में यूआईडीएआई का कहना है कीआधार नंबर स्थाई रूप से पहचान का प्रमाण है| इसकी सुरक्षा और इसके लगातार उपयोग को बनाए रखने के लिए एक तंत्र प्रदान करना आवश्यक था|”

इसे कैसे जनरेट करें?


इसे UIDAI की ऑफिसियल वेबसाइट से प्राप्त किया जा सकता है| इसे प्राप्त करने का hindi में सरल रूप से पूरी जानकारी के लिए क्लीक करें ⇨ UIDAI की 16 अंको की वर्चुअल ID कैसे जनरेट करें?

इस वर्चुअल ID (VID) का कहां और क्या उपयोग किया जा सकेगा?


अभी तक सत्यापन और प्रमाणिकता के लिए आधार नंबर को साझा करने की मजबूरी होती है परंतु यूआईडीएआई के इस नए सुरक्षा तंत्र के पास 16 डिजिट के वर्चुअल नंबर के जरिए आधार नंबर के जरिए सत्यापन और प्रमाणिकता करने की अनिवार्यता नहीं रह जाएगी| यह काम अब यूआईडीएआई के इस वर्चुअल ID के जरिए किया जा सकेगा| इस वर्चुअल ID द्वारा व्यक्ति के नाम, पता, फोटोग्राफ जैसे आवश्यक चीजों का  सत्यापन हो सकेगा|

इस वर्चुअल ID (VID) की वैधता क्या होगी और कितनी बार इसका उपयोग किया जा सकता है?


वर्तमान में वेरिफिकेशन से लेकर सेवा तथा अनेक कार्यों पर आधार का उपयोग किया जा रहा है पूरे देश में 119 करोड़ से अधिक आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं तथा बैंक टेलीकॉम सार्वजनिक वितरण आयकर विभाग में मुख्य तौर पर इसका उपयोग किया जा रहा है| VID की व्यवस्था आने पर आधार की data की सुरक्षा बढ़ी है लेकिन VID को लेकर अनेक लोगों में confusion है की इसकी वैधता क्या होगी और कितनी बार इसका उपयोग किया जा सकता है?
VID अस्थायी होगी| इसे किसी भी समय वापस लिया जा सकेगा| हर ID की वैलिडिटी की समय सीमा होगी| इस समय सीमा को यूजर खुद निश्चित कर पाएँगे| क्योंकि नई ID जनरेट करने पर पुरानी अपने आप एक्सपायर हो जाएगा| यानी कि एक व्यक्ति एक समय पर एक ही वर्चुअल ID का इस्तेमाल कर सकेगा| VID की समयसीमा 1 दिन की होगी|

VID को कितनी बार जनरेट किया  जा सकता है?


कोई भी यूजर  यूआईडीएआई की वेबसाइट से जितनी बार चाहे वर्चुअल ID जनरेट कर सकता है| जैसे ही नई ID जारी की जाएगी पुरानी खुद ही निरस्त हो जाएगी| VID की समय सीमा 1 दिन की होगी तथा प्रमाणीकरण और सत्यापन के लिए आधार नंबर की जगह  इसका उपयोग किया जा सकेगा|

क्या VID को कोई दूसरी बॉडी भी जारी कर सकती है?


बिल्कुल नहीं| इसे किसी भी दूसरे निकाय द्वारा जारी नहीं किया जा सकता है|  इस सुविधा को  इस मद्देनजर लाया गया है की  आधार में सेंध न लगाई जा सकेअभी तक विभिन्न जगहों पर आधार नंबर को  साझा करना पड़ता था, जिससे कई केशेज में  यह देखने को मिला है आधार की जानकारियां लिक हुई हैइस स्थिति को रोकने और इससे निपटने के लिए यूआईडीएआई द्वारा 16 डिजिट वर्चुअल id की व्यवस्था लाई गई| आधार कार्ड धारक की ओर से इस ID को जनरेट करने की अनुमति अधिकृत एजेंसियों को भी नहीं है|

VID की व्यवस्था कब से लागु होगी ?


इस व्यवस्था को आधार के लिए एक सुरक्षा कवच  कहां जा सकता हैइसे आधार के लिए मास्क कहना भी गलत नहीं होगा|  अब प्रश्न यह उठता है कि इतनी अच्छी पहल होने के बाद, यह सुविधा आखिर कब से लागू हो रही है?
यह सुविधा 1 मार्च से लागु किया जा चूका है और 1 जून से सभी  एजेंसी को इसे लागु करना अनिवार्य होगा| 1 जून के बाद भी अगर कोई एजेंसी इसे नही अपनाता है और इसे लेने से इंकार करता है तो उस पर जुरमाना लगाया जाएगा और यह जुरमाना आर्थिक प्रकार की होगी|

प्रिय विजिटर इस तरह आपने अवेयर माय इंडिया के हिंदी आर्टिकल ‘आधार की सेफ्टी के लिए बड़ा कदम-16 अंकों की वर्चुअल ID’ को पढ़ा| अगर आपका इससे संबंधित कोई प्रश्न या सुझाव हो तो कमेंट जरुर करें| आशा है की हमारे अन्य आर्टिकल की तरह ही आप इस आर्टिकल से भी लाभान्वित होंगे| हम इस बात को महसूस कर रहे है की आपके और बेहतर सुविधा के लिए इस साईट में कई सुधार किया जाना अपेक्षित है| आप सरीखे विजिटर के स्नेह और सुझाव से हम इस साईट में निरंतर सुधार कर रहे है और हमें विश्वास है की आगे के समयों में हम आपको और भी बेहतर सुविधा दे पाएंगें| लेकिन इस हेतु आपसे अनुरोध है की आप हमारे कांटेक्ट अस पेज के माध्यम से अपना विचार एवं अपना बहुमूल्य सुझाव हम तक जरुर प्रेषित करें| इस आर्टिकल को पढ़ने तथा अवेयर माय इंडिया साईट पर विजिट करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद|

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