फर्जी प्रमाण पत्र- एक सच्ची वाकया

फर्जी प्रमाणपत्र एक सच्ची वाकया है जो की खुद मेरे साथ गठित हुई है| यानी की कहा जा सकता हा की इस कहानी का मैं स्वयं एक पात्र हूँ| यह कहानी मेरे द्वारा एक फर्जी प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने और उससे होने वाले परेशानी से संबंधित है| आइये ‘फर्जी प्रमाण पत्र- एक सच्ची वाकया’ कहानी की शुरुआत करते है|

फर्जी प्रमाण पत्र- एक सच्ची वाकया

मैं बुरी तरह डर चुका था| मैंने सपने में भी नही सोचा था की बात इस कदर बिगड़ जाएगी| भैया का कहना था की अगर बात उनकी कैरियर की रहती तो वो सब कुछ नियति पर छोड़ कर निश्चिंत बैठ जाते, लेकिन यहाँ बात मेरे करियर की थी| हर छोटे भाई की तरह मैं भी अपने भाई का दुलारा था लेकिन इतना…| वो समझ रहे थे की अगर मेरी कैरियर खराब हुई तो वे कभी भी अपने आप को माफ़ नही कर पाएँगे

यह घटना यहीं कोई साल 2011 की है| घटना से पहले उस समय की व्यवस्था को बताना मुनासिब होगा| उस वक्त कोई भी प्रमाण पत्र बनवाना बहुत टेढ़ी खीर हुआ करती थी| वर्तमान में तो घर बैठे स्मार्ट फ़ोन या कंप्यूटर से आवासीय, आय, जातीय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने के चंद दिनों में प्रमाण पत्र आपके पास होता है|

      उस वक्त एक-एक प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लम्बी प्रक्रिया को फॉलो करना होता था| इसी में एक और नया नियम आया की अब किसी भी कार्य के लिए जिला कार्यालय से जारी प्रमाण वैध होंगे| यानी अब दो-दो कार्यालय (अंचल और जिला) के चक्कर पर चक्कर लगाने से ही प्रमाण पत्र बन सकता था| 

     व्यवस्था को बताने के बाद अब मैं घटना की ओर रुख करता हु| मुझे मेडिकल प्रवेश परीक्षा के आवेदन के लिए प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी| लेकिन आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक की थी और उतने समय में दोनों कार्यालय तो दूर एक भी कार्यालय से प्रमाण पत्र बनवाना सम्भव न था| मेरे पास प्रखंड का बना हुआ एक-दो साल पुराना प्रमाण पत्र था| तब मैंने एक प्लान बनाया| मैंने सोचा की जिला कार्यालय से प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अंचल का हालिया प्रमाण पत्र चाहिए तो क्यों न अपने अंचल वाले प्रमाण पत्र का डेट मैं आगे कर दूँ. इससे मेरा काम बन जाएगा|
     मैंने अपना प्लान अपने भैया को बताया| उन्हें भी किसी कार्यवश अपना अपना प्रमाण पत्र बनवाना था और उनकी दशा भी मेरी तरह थी| फिर भी  इस तरह से प्रमाण पत्र बनवाने के लिए उन्होंने मना कर दिया| लेकिन मेरे आग्रह और दबाब के बाद वह तैयार हो गये| शायद और कोई रास्ता भी न था| उस वक्त सारे प्रमाण पत्र पर डेट, नाम आदि कलम द्वारा लिखी जाती थी| हमने बड़ी सफाई के साथ डेट को बदल दिया| इसके बाद हम जिला कार्यालय आ गये| भैया ने संभावित खतरे की आशंका में कहा की सबसे पहले आवेदन मैं जमा करूंगा और सब ठीक रहने पर ही तुम आवेदन जमा करोगे| मैंने हामी भरी|

     हमारी बारी आई उन्होंने आवेदन बढाया और जिला कार्यालय के कर्मचारी ने उसे देखा और सभी सामान्य आवेदन की भांति स्वीकार कर लिया| उनके ठीक पीछे मैं भी था| मुझे निश्चिन्तता हुई और मैंने भी अपना आवेदन बढाया| कर्मचारी ने आवेदन देखा और मुझे घूरने लगा| थोरी देर में बोला की चीटिंग करते हो? तुमने प्रमाण पत्र की दिनांक के साथ छेड़छाड़ कर इसे जमा किया है|

    मैं इसे प्रखंड भेजकर जाँच करवाता हूँ| तुम जेल जाने के लिए तैयार रहना| इतना कहकर वह आवेदन लेकर कार्यालय में अंदर चला गया| मुझे तो मानों काटो तो खून नहीं| भैया भी डर गये थे उन्होंने कहा की तुम यहाँ से जाओ| मैंने उनसे कहा भैया इससे बात न बनेगी| आवेदन के जांच के बाद केस होगा| उन्होंने मुझे भरोषा दिलाया की ऐसा कुछ नही होगा और मुझे वहां से जाने को कहा| लेकिन वो मन ही मन सोच रहे थे की अगर कोई बात न बनी तो अंततः वो यहाँ से प्रमाण पत्र लेकर भाग जाएँगे| 

खैर मैं उनके कहे अनुसार घटनास्थल से कुछ अलग हट गया| भाई साहब ने मन ही मन अपना कुछ प्लान बनाया और वो भी कार्यालय में अंदर की ओर चले गये| इधर मैं दूरी के साथ स्थिति पर नजर जमाये था उधर वो कर्मचारी एक कुर्सी पर आराम से बैठा था| भैया ने उनसे खूब आग्रह किया| लेकिन साहब पिघलने को तैयार ही न थे| खूब धमकी दिए जा रहे थे| थोड़ी देर में बात बनता न देख भैया ने अपना सोचा हुआ कार्य करने को सोचा ही था की साहब ने कुछ ले-देकर बात खत्म करने की बात कही| तब मैं भी नजदीक आ गया|

उनके ऐसा कहने से हमें बड़ा आश्चर्य हुआ की इतने देर से लम्बी-लम्बी नियम की बात करने वाले अचानक बीमार पड़ गये क्या? खैर हम कुछ ले-देकर काम करने और कराने वाले में से न थे| हमने उन्हें बिना कुछ लिए-दिए ही अपना प्रमाण-पत्र हासिल किया| प्रमाण-पत्र हासिल करने के बाद हमारे जान में जान आई और हमने निर्णय लिया की अब हम इस तरह के फर्जी प्रमाण पत्र के लिए कभी आवेदन नही करेंगे|

प्रिय विजिटर इस तरह आपने अवेयर माय इंडिया के हिंदी कहानी फर्जी प्रमाण पत्र- एक सच्ची वाकया को पढ़ा| अगर आपका इससे संबंधित कोई प्रश्न या सुझाव हो तो कमेंट जरुर करें| आशा है की हमारे अन्य आर्टिकल की तरह ही आप इस आर्टिकल से भी लाभान्वित होंगे| हम इस बात को महसूस कर रहे है की आपके और बेहतर सुविधा के लिए इस साईट में कई सुधार किया जाना अपेक्षित है| आप सरीखे विजिटर के स्नेह और सुझाव से हम इस साईट में निरंतर सुधार कर रहे है और हमें विश्वास है की आगे के समयों में हम आपको और भी बेहतर सुविधा दे पाएंगें| लेकिन इस हेतु आपसे अनुरोध है की आप हमारे कांटेक्ट अस पेज के माध्यम से अपना विचार एवं अपना बहुमूल्य सुझाव हम तक जरुर प्रेषित करें| इस आर्टिकल को पढ़ने तथा अवेयर माय इंडिया साईट पर विजिट करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद|

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