भारतीय सुरक्षा बल: सीमा सुरक्षा बल-BSF

भारतीय केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत 6 केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल है| 1. सीमा सुरक्षा बल (BSF) 2. केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) 3. केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) 4. भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) 5. राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) 6. सशस्त्र सीमा बल (SSB) | इसके अलावा एक केन्द्रीय अर्धसैनिक बल असम रायफल्स (AR) भी है| इनमें से सीमा सुरक्षा बल भारत, तिब्बत सीमा पुलिस, सशस्त्र सीमा बल, भारतीय सीमा की हिफाजत के लिए समर्पित है| जबकि केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल लोक व्यवस्था, लॉ एंड आर्डर आदि से सम्बन्धित मामलों में राज्य सरकारों तथा संघ राज्य क्षेत्र की प्रशासनों की सहायता करता है| यह बल आंतरिक सुरक्षा में बाधक या विद्रोह रोधी कार्यों से निपटने हेतु प्रशिक्षित एवं सम्बन्धित उपकरणों से लैश होते है| CRPF के दो विशिष्ट विंग त्वरित कार्यवाई बल (RAF) तथा कमांडो बटालियन कोबरा है| ये दंगो और वाम पंथी उग्रवाद या विद्रोह से निपटने हेतु समर्पित है|

    केन्द्रीय आद्योगिक सुरक्षा बल महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानो, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, हवाई अड्डो, आद्योगिक इकाइयों, राष्ट्रीय संग्रहालयों तथा राष्ट्रीय राजधानी के सरकारी भवनों एवं अन्य महत्वपूर्ण संवेदनशील संगठनों को सुरक्षा और सरंक्षण प्रदान करता है| राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड आतंकवाद का मुकाबला करने और विमान अपहरण रोधी अभियानों के लिए गठित एक विशेषज्ञता प्राप्त बल है इसे उच्च जोखिम वाले विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा तथा स्थायी मार्शल प्रदान करने का कार्य भी सौपा गया है|

 हम इस पोस्ट में सीमा सुरक्षा बल BSF के बारें में जानेंगे तथा विस्तार से चर्चा करेंगे| इनके कार्यों और जिम्मेदारियों को समझेंगे इनके उपलब्धियों और ओपरेशन की उपलब्धियों पर दृष्टिपात करेंगे| इसके आलावा अन्य सुरक्षा बलों जिनका उपर वर्णन किया गया है, के बारे में हम अपने अन्य पोस्ट में बात करेंगे|

सीमा सुरक्षा बल

सीमा सुरक्षा बल [Boarder securities force in hindi]


बात लगभग 2009 की है जब मेरे घर पर नया DVD आया था| मैंने उत्साह पूर्वक एक DVD कैसेट खरीदी| उसमें एक मूवी थी टैंगो चार्ली| 2005 में रिलीज़ हुई यह मूवी सीमा सुरक्षा बल (BSF) के बहादुर जज्बे की उदाहरण थी| इस मूवी में BSF की समर्पण और निष्ठा को दिखाया गया था| उस वक्त से ही BSF संस्था के प्रति मन में एक श्रद्धा उत्पन्न हो गईआज जब अवेयर माय इंडिया blog के इस पोस्ट में BSF पर यह आर्टिकल लिख रहा हु तो मन बहुत उत्साहित है| तो फिर चलिए भारत की इस महत्वपूर्ण संस्था की चर्चा शुरू करते है|
      विकास के लिए सुरक्षा सबसे पहली जरूरत है। अत: हमारी सीमाएं सदा सुरक्षित रहनी चाहिए। इसके मद्देनजर BSF का गठन 25 बटालियनों तथा 3 कम्पनियों के साथ वर्ष 1965 में 1 दिसम्बर को किया गया था और इसके साथ ही पडोसी देशों के साथ भारतीय सीमाओं की रक्षा करने वाली राज्य के पुलिस बलों की बहुलता की प्रणाली समाप्त हो गई| समय के साथ बल के आकर में वृद्धि हुई है तथा वर्तमान में BSF की 188 बटालियने, 5 प्रमुख प्रशिक्षण संस्थाएं, 11 सहायक प्रशिक्षण केंद्र और 3 छोटी प्रशिक्षण संस्थाएं है| BSF का मुख्यालय दिल्ली में है| इसकी फिल्ड रचना में 2 विशेष महानिदेशालय अर्थात विशेष निदेशालय पूर्व और विशेष निदेशालय पश्चिम, 13 फ्रंटियर्स और 44 सेक्टर मुख्यालय, वाटर विंग और एयर विंग है| 31 दिसम्बर 2012 की स्थति के अनुसार BSF की कुल पदों की संख्या 2,43,161 थी|

BSF के गठन की परिस्थितियां [Conditions of formation of BSF in hindi]


1965 तक भारत का पाकिस्तान के साथ लगने वाले सीमा की सुरक्षा का जिम्मा राज्य सशस्त्र पुलिस बटालियन करती थी| 9 अप्रैल 1965 के दिन पाकिस्तान ने भारत के सरदार पोस्ट, छतर बेट और बेरिया बेट पर हमला किया| इस हमलें के उत्तर दने और निपटने में राज्य सशस्त्र पुलिस बटालियन की अक्षमता ने एक समर्पित और स्पेशल केंद्र द्वारा नियंत्रित सशस्त्र सीमा सुरक्षा बल की आवश्यकता को जन्म दिया| इसके बाद सचिवों की एक समिति के सुझाव पर 1 दिसम्बर 1965 को BSF – सीमा सुरक्षा बल का गठन किया गया| इसके प्रथम प्रमुख तथा संस्थापक K F रुस्तम जी थे| वर्तमान में आईपीएस K K शर्मा BSF के महानिदेशक (डायरेक्टर जनरल) है|

BSF की जिम्मेदारियां


BSF की OPRATIONAL जिम्मेवारी पाकिस्तान एवं बांग्लादेश के साथ लगी अंतर्राष्ट्रीय सीमा में 6,386.36 किलोमीटर तक फैली हुई है| सीमा सुरक्षा बल को सेना के ऑपरेशनल नियंत्रण में जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा (loc) पर भी तैनात किया जाता है| इसके अलावा इस बल को कुछ अतिरिक्त जिम्मेवारियां भी दी गई है-सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों में सुरक्षा बोध का विकास, सीमा पर होने वाले अपराधों जैसे तस्करी या घुसपैठ समेत तमाम तरह की अवैध गतिविधियों पर रोक आदि|  सीमाओं पर निगरानी बनाए रखने के लिए सीमाओं की घेराबंदी और फ्लड लाइटिंग महत्वपूर्ण होता है| भारत- पाकिस्तान और भारत- बंगलदेश की सीमाओं से घुसपैठ, तस्करी व अन्य राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से सरकार ने इन सीमाओं पर बाड़ लगाने, फ्लड लाइटिंग की व्यवस्था और सड़कों का निर्माण का कार्य शुरू किया है|
   कुछेक दुर्गम और अव्यवहार्य हिस्सों को छोड़कर सम्पूर्ण पंजाब तथा राजस्थान के क्षेत्र में सीमाओं पर बाड़ लगाने और फ्लड लाइटिंग का कार्य पूरा किया जा चूका है|

BSF की महत्वपूर्ण उपलब्धियां [Important achievements of BSF in hindi]


 सीमा सुरक्षा बल
  • BSF भारत की ओर से हर साल संयुक्त राष्ट्र मिशन की सेवाओं के लिए कर्मियों का योगदान देता रहा है, जिससे भारत की प्रतिष्ठा और साख स्थापित होती रही है|
  • मई से जुलाई 1999 में होने वाले कारगिल युद्ध को कौन भारतीय भुला सकता है| कारगिल विवाद के समय BSF ने बहादुरी और पराक्रम के साथ पहाड़ियों की ऊंचाइयों पर जमे रहे तथा देश की अखंडता की बचाव में सभी शक्तियों के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए एकजुटता के साथ दुश्मनों के विरुद्ध करवाई की|
  • BSF के जवानों ने मणिपुर में भारत की आंतरिक सुरक्षा को स्थापित करने की प्रक्रिया में मुस्तैदी से योगदान किया है|
  • गुजरात में 2007 की बाढ़ के दौरान मुख्य रूप से बनासकांठा समेत विभिन्न क्षेत्रों में आपदा प्रबन्धन में BSF ने महत्वपूर्ण योगदान दिया|
  • गुजरात में सामुदायिक विक्षोभ ( डिस्टर्बेंस) के दौरान BSF के जवानों ने शांति और भाईचारे की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया तथा स्थिति का सामान्यता बहाल की|
  • जम्मू & कश्मीर में भारत-पाकिस्तान के बॉर्डर पर बाड़ लगाने का कार्यभार सँभालते हुए BSF ने पाकिस्तान की तरफ से लाख अडचने पैदा करने के बाबजूद बाड़ लगाने की कार्य को अमली जामा पहनाया|
  • वर्तमान में अन्य बलों के साथ BSF भारतीय सीमा पर तैनात है तथा मौजूद स्थिति में, जिसमें हमारे पड़ोसी देशअसहयोग में कोई कसर न छोड़ते, तमाम समस्याओं के बाबजूद घुसपैठ पर रोक, सीमा की सुरक्षा आदि जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निर्वाह कर रहे है|

BSF की लोकनीति [Ethos of BSF in hindi]


अपने स्थापना के स्वर्णिम 53 वर्षों के दौरान BSF ने भारत के विभिन्न सुरक्षा बलों के बीच अपने आप को उच्च स्थान पर टिकाए रखा है| 1973 के भारत-पकिस्तान युद्ध के दौरान BSF ने दुश्मनों के दांत खट्टे करने में कोई कसर न छोड़ी और अंततः पकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी|
    बल का प्रकृति है: “any task, any time, any where” अर्थातकोई भी कार्य, कीसी भी समय और किसी भी स्थान पर” | BSF का आदर्श वाक्य है: जीवन पर्यन्त कर्तव्य| BSF ने अपने खून तथा पसीने से इस लिहाज पर अपने आप को साबित किया है|

हम अपने आने वाले अगले पोस्ट में अन्य बलों के बारे में भी विस्तार से चर्चा करेंगे| प्रिय विजिटर इस तरह आपने अवेयर माय इंडिया के हिंदी आर्टिकल ‘भारतीय सुरक्षा बल: सीमा सुरक्षा बल (BSF)’ को पढ़ा| अगर आपका इससे संबंधित कोई प्रश्न या सुझाव हो तो कमेंट जरुर करें| आशा है की हमारे अन्य आर्टिकल की तरह ही आप इस आर्टिकल से भी लाभान्वित होंगे| हम इस बात को महसूस कर रहे है की आपके और बेहतर सुविधा के लिए इस साईट में कई सुधार किया जाना अपेक्षित है| आप सरीखे विजिटर के स्नेह और सुझाव से हम इस साईट में निरंतर सुधार कर रहे है और हमें विश्वास है की आगे के समयों में हम आपको और भी बेहतर सुविधा दे पाएंगें| लेकिन इस हेतु आपसे अनुरोध है की आप हमारे कांटेक्ट अस पेज के माध्यम से अपना विचार एवं अपना बहुमूल्य सुझाव हम तक जरुर प्रेषित करें| इस आर्टिकल को पढ़ने तथा अवेयर माय इंडिया साईट पर विजिट करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद|

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