वैवाहिक बलात्कार का मुद्दा

वैवाहिक बलात्कार का मुद्दा इंडियन पिनल कोड की धारा 375 से सम्बन्धित है| इसमें यह माना गया है की विवाह के बाद बनाया गया जबरन सम्बन्ध बलात्कार की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता| हालिया परिदृश्य में यह प्रावधान काफी चर्चा का विषय रहा है| इस पोस्ट में हम इसी से सम्बन्धित मसलों पर बात करेंगे| आइये चर्चा की शुरुआत करते है| वैवाहिक बलात्कार का मुद्दा हिंदी में.

वैवाहिक बलात्कार का मुद्दा

किसी भी महिला के साथ उसकी मर्जी के खिलाफ बनाया गया जबरन संबंध को बलात्कार कहा जाता है| लेकिन यह बात विवाहित महिला पर कितना सही है यह बहस का विषय रहा है| इस सम्बन्ध में अगर कानून की बात की जाये तो इंडियन पिनल कोड की धारा 375 विवाह के बाद बनाये गये संबंध को बलात्कार नहीं मानता| इंडियन पिनल कोड की धारा 375 के अनुसार ‘एक व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी के साथ, जिसकी उम्र 15 वर्ष से ऊपर है, बनाये गये शारीरिक संबंध को बलात्कार नही कहा जा सकता|’

इंडियन पिनल कोड की धारा 375  की इस प्रावधान को लेकर काफी प्रश्न उठाये गये है, यहाँ तक की इस प्रावधान को हटाने को लेकर अलग-अलग लोगों ने उच्चतम न्यायालय में याचिका भी दायर की| इसे हटाने को लेकर याचिका दायर करने वालो में आर.आई.टी. फाउंडेशन, आल इंडिया डेमोक्रेटिक वूमन असोसिएशन नामक एन.जी.ओ. और एक अन्य व्यक्ति है|

वर्तमान में अगर किसी विवाहित महिला के साथ यातना, शोषण, जबरदस्ती आदि किसी भी तरह की घटना होती है तो इस संबंध में महिला को उपचार देने के लिए कोई विशेष प्रावधान नही है| इस स्थिति में महिला को केवल घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के द्वारा ही उपचार प्रदान किया जा सकता है|

इंडियन पिनल कोड की धारा 375 में वैवाहिक बलात्कार को अपवाद कब माना गया

इंडियन पिनल कोड की धारा 375 में वैवाहिक बलात्कार को अपवाद के रूप में शामिल किये जाने का कार्य अपराधिक कानून संसोधन 2013 के द्वारा किया गया| यह उल्लेखनीय है की यह अधिनियम 2012 में डेल्ही रेप कांड के बाद गठित की गई जस्टिस वर्मा समिति के बाद अधिनियमित किया गया था जबकि जस्टिस वर्मा समिति ने वैवाहिक बलात्कार को अपवाद मानने वाले प्रावधान को हटाने की सिफारिश की थी|

   जबरन वैवाहिक सम्बन्ध को बलात्कार के रूप में शामिल न किये जाने और इसे अपवाद मानने वाले अधिनियम को लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की उच्च स्तरीय पाम राजपूत समीति द्वारा भी आलोचन की गई| पाम समिति ने इसे विधायिका का विफलता माना|
वैवाहिक बलात्कार को अपराध मानने के विपक्ष में तर्क

वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित न किये जाने के पक्षधर विभिन्न लोग इसके पक्ष में निम्न तर्क देते है-

  • इसे अपराध माने जाने से विवाह जैसी पवित्र संस्था अस्थिर हो सकती है,
  • महिलाओं द्वारा इसका दुरूपयोग- महिलाओं के द्वारा बलात्कार और घरेलू हिंसा के झूठे मामलें बड़ी संख्या में दर्ज कराने से पुरुषों की स्थिति कमजोर हो जाएगी| जैसा की दहेज़ कानून के दुरूपयोग के केस में देखने को मिलता है|
  • भारतीय समाज की पवित्रता- भारतीय समाज में विवाह को एक पवित्र सम्बन्ध माना जाता है| ऐसे में वैवाहिक बलात्कार की अवधारणा को यहाँ लागू करना सही नही है|
  • इसे अपराध घोषित किये जाने से पूर्व यह तय और व्याख्यित किया जाना चाहिए की वैवाहिक बलात्कार और अबलात्कार (नन रेप) क्या है.

वैवाहिक बलात्कार को अपराध मानने के पक्ष में तर्क

वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित किये जाने के पक्षधर विभिन्न लोग इसके पक्ष में निम्न तर्क देते है-

  • इसे अपराध न घोषित किये जाने का मतलब होगा की-पत्नी या महिला को उसके अधिकार से वंचित करना, उसे एक वस्तु समझना, उसके गरिमा का उलंघन करना,
  • समाज पुरुषवादी मानसिकता से पूरी तरह ग्रस्त है ऐसे में इसे अपराध घोषित किया जाना आवश्यक है,
  • दुसरे पड़ोसी देशों में जैसे नेपाल, भूटान, श्रीलंका आदि में इसे अपराध माना जा चूका है, ऐसे में भारत में भी इसे घोषित किया जाना चाहिए|
  • इससे विवाह जैसी संस्था के पवित्रता पर कोई आंच नही आएगी बल्कि कलुषित और गन्दी सोच का निराकरण होगा,
  • इसे अपराध घोषित न किया जाना स्त्री ही नही मानव जाती के गरिमा का भी उलंघन है|

निष्कर्ष

यह एक संवेदनशील मुद्दा है इसीलिए इसकी विस्तृत जांच और विश्लेषण की जरूरत है और उसी के अनुसार कदम उठाया जाना चाहिए| इस विषय पर आपकी क्या राय है, कमेंट के माध्यम से हमारे साथ जरुर बताये|

प्रिय विजिटर इस तरह आपने अवेयर माय इंडिया के हिंदी आर्टिकल ‘वैवाहिक बलात्कार का मुद्दा’ को पढ़ा| अगर आपका इससे संबंधित कोई प्रश्न या सुझाव हो तो कमेंट जरुर करें| आशा है की हमारे अन्य आर्टिकल की तरह ही आप इस आर्टिकल से भी लाभान्वित होंगे| हम इस बात को महसूस कर रहे है की आपके और बेहतर सुविधा के लिए इस साईट में कई सुधार किया जाना अपेक्षित है| आप सरीखे विजिटर के स्नेह और सुझाव से हम इस साईट में निरंतर सुधार कर रहे है और हमें विश्वास है की आगे के समयों में हम आपको और भी बेहतर सुविधा दे पाएंगें| लेकिन इस हेतु आपसे अनुरोध है की आप हमारे कांटेक्ट अस पेज के माध्यम से अपना विचार एवं अपना बहुमूल्य सुझाव हम तक जरुर प्रेषित करें| इस आर्टिकल को पढ़ने तथा अवेयर माय इंडिया साईट पर विजिट करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद|

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2 Comments

  1. Pati patni ka bandhan atoot hota hai..
    Baise bhi bibaha ek sanskar hai .isme jabran
    Sex kaha se banta hai..agar bibaha baltkar lagta hai to arjkta badegi,hinsa badegi,purushon ka man ghtega,

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