कौशल भारत अभियान का ब्रांड एम्‍बेसडर बने वरुण धवन और अनुष्का शर्मा

हिंदी फिल्म ‘सुई-धागा-मेड इन इंडिया’ के सितारे वरुण धवन और अनुष्का शर्मा को कौशल भारत अभियान (प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना) को प्रोत्साहन और समर्थन देने के लिये ब्रांड एम्‍बेसडर बनाया गया है। ये दोनों ही अपनी फिल्म ‘सुई-धागा-मेड इन इंडिया’ के जरिये पूरे विश्व में भारत का सम्मान बढ़ा रहे हैं भारत के उद्यमियों और कुशल कामगारों, विशेषकर के घरेलू हथकरघा कारीगरों, दस्तकारों और बुनकरों को प्रोत्‍साहित करने का काम कर रहे हैं। हम इस पोस्ट में कौशल भारत अभियान तथा प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के बारे में समझेंगें | हम यह भी देखेंगें की ब्रांड एम्‍बेसडर क्या होता है और वरुण धवन और अनुष्का शर्मा को प्रधानमंत्री कौशल भारत अभियान का ब्रांड एम्‍बेसडर क्यों बनाया गया |

कौशल भारत अभियान का ब्रांड एम्‍बेसडर

वरुण धवन और अनुष्का शर्मा को कौशल भारत अभियान का ब्रांड एम्‍बेसडर क्यों बनाया गया


फिल्म ‘सुई-धागा-मेड इन इंडिया’ के  मुख्य कलाकार वरुण एवं अनुष्का को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाले कौशल भारत अभियान को प्रोत्साहन और समर्थन देने के लिये ब्रांड एम्‍बेसडर बनाया गया है। वे अपनी फिल्म ‘सुई-धागा-मेड इन इंडिया’ के जरिये पूरे विश्व में भारत का सम्मान बढ़ा रहे हैं भारत के उद्यमियों और कुशल कामगारों, विशेषकर के घरेलू हथकरघा कारीगरों, दस्तकारों और बुनकरों को प्रोत्‍साहित करने का काम कर रहे हैं।

यह फिल्म जमीनी स्तर पर भारत के प्रतिभाशाली कारीगरों और कुशल कामगारों की छुपी हुई क्षमताओं और उनके समक्ष चुनौतियों एवं विषयों पर प्रकाश डालती है। अब वरुण एवं अनुष्का ‘कौशल भारत’ के साथ साझेदारी करके भारत की कुशल प्रतिभाओं और उनके बारीक काम को प्रोत्साहित करने के लिये देश के विभिन्न हिस्सों में उनके साथ जुड़कर उन्हें अपना समय देंगे।

इस संदर्भ में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “वरुण धवन एवं अनुष्का शर्मा अपनी इस अनोखी फिल्म ‘सुई-धागा-मेड इन इंडिया’ के जरिये भारत के हथकरघा कारीगरों एवं दस्तकार समुदाय की अद्भुत कुशलता और प्रतिभा को सामने ला रहे हैं। यह ह्रदय को छू लेने वाला प्रयास है कि उनके जैसे अभिनेता एक ऐसी फिल्म में काम कर रहे हैं जो कि एक अहम सामाजिक संदेश देती है। भारत विश्व के सबसे युवा देशों में एक है और यह हमारे लिये गर्व का विषय है कि हमारे देश में ऐसे समर्पित और जूझने वाले कुशल युवा हैं जिनके पास उद्यमिता का भी कौशल है और जो अपने काम के जरिये देश का सम्मान बढ़ा रहे हैं।”

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कौशल भारत अभियान का ब्रांड एम्‍बेसडर बनाये जाने के बाद वरुण एवं अनुष्का ने भी अपना पक्ष सामने रखा| वरुण धवन ने कहा, “हमारे हथकरघा कारीगरों, दस्तकारों और ऐसे अन्य कामगारों को संगठित और प्रशिक्षित कर और उन्हें वित्तीय सहायता और समर्थन उपलब्ध कराकर प्रधानमंत्री मोदी ने एक अद्भुत परिकल्पना एवं सच्ची दूरदर्शिता का परिचय दिया है। हम इस अभियान को समर्थन देने में गर्व अनुभव करते हैं और हम अपनी फिल्म सुई धागा के बेहद करीब महसूस करते हैं जो कि आत्म निर्भरता और उद्यमिता का उल्लास मनाती है।”

इस अवसर पर अनुष्का शर्मा ने कहा, “कुशल भारत अभियान सरकार के देश के प्रतिभाशाली कामगारों को समाहित करने और समर्थन देने के संकल्प को दर्शाता है। सुई धागा के निर्माण के समय हमें ऐसे कई प्रतिभाशाली और कुशल कामगारों की कहानी जानने का अवसर मिला जिन्हें अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का अवसर नहीं मिलता है।”

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ब्रांड एम्‍बेसडर क्या होता है?


Brand Ambassador kya Hota hai? hindi me. ब्रांड एम्‍बेसडर को हिंदी में ‘ट्रेडमार्क राजदूत’ कहते है| आमतौर पर ब्रांड एम्‍बेसडर किसी महत्वपूर्ण या पोपुलर व्यक्तित्व को बनाया जाता है| ब्रांड एम्‍बेसडर नियुक्त किया गया व्यक्ति उस प्रोडक्ट या उत्पाद को अपना समर्थन प्रदान करता है | इससे पब्लिक में उस प्रोडक्ट के लिए सकारात्मक सन्देश जाता है|

खेल-खिलाड़ी, अभिनेता-अभिनेत्री सहित तमाम पोपुलर लोगों को सरकारी तथा निजी संस्था तथा विभिन्न कम्पनियां अपना ब्रांड एम्‍बेसडर नियुक्त करती है | ब्रांड एम्‍बेसडर नियुक्त किया गया व्यक्ति उस ब्रांड का जनता के बीच सकारात्मक प्रचार करता है | जब पब्लिक यह देखती है की उनका चहेता व्यक्तित्व जब उस ब्रांड का समर्थन कर रहा है तो वह भी उत्पाद को अपना समर्थन प्रदान करती है|

Brand Ambassador नियुक्त किये जाने व्यक्ति के लिए यह आवश्यक है की वह संबंधित चीजों या उत्पाद के बारे में सही जानकारी प्राप्त कर ही उसका समर्थन करें | लेकिन हालिया समय में कई मामलों में इसका उलंघन होने की बात सामने आई| कुछ समय पूर्व विवाद को लेकर चर्चा में रहा मैगी के ब्रांड एम्‍बेसडर को भी खासा आलोचना का शिकार होना पड़ा था |

अभी हालिया में वरुण धवन और अनुष्का शर्मा को उनके फिल्म ‘सुई-धागा-मेड इन इंडिया’ के बाद कौशल भारत अभियान को प्रोत्साहन और समर्थन देने के लिये ब्रांड एम्‍बेसडर बनाया गया है।

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कौशल भारत अभियान


कौशल भारत अभियान

Kaushal Bharat Abhiyan hindi me. ‘कौशल भारत अभियान’ कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की अगुवाई वाली एक महत्वाकांक्षी योजना है | इसका उद्देश्य आधुनिक के साथ ही परंपरागत रोजगार के लिए भी कुशल प्रशिक्षण देना है| अत्याधुनिक आधारभूत ढांचे का विकास और उद्योग जगत की भागीदारी सुनिश्चित करना भी कुशल भारत अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में से है|

इसके आलावा यह युवाओं को रोजगार के लिये ज्यादा उपयुक्त बनाने के लिये तकनीकी समर्थन मुहैया कराती है तथा देश के युवाओं के लिये रोजगार के अवसरों का सृजन करती है। प्रत्येक वर्ष एक करोड़ से ज्यादा युवा कौशल भारत अभियान से जुड़ कर बेहतर आजीविका के जरिये अपने जीवन को बदल रहे हैं।

कुशल भारत अभियान ने अपनी कौशल एवं उद्यमिता विकास नीति के तहत कई अहम बदलाव किये हैं जैसे कि 1961 के अप्रेन्टिसशिप कानून में व्यापक परिवर्तन और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) को लागू करना और इन दोनों कदमों का साझा उद्देश्य हमारे कामगारों को सर्वोत्तम प्रशिक्षण उपलब्ध कराना और उनके कौशल को मान्यता देना है।

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प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना – PMKVY


प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना - PMKVY

Pradhanmantri Kaushal Vikas Yojna hindi me. भारत के पास एक अतुलनीय युवा जनसंख्‍या है जिससे आने वाले समय में सामाजिक-आर्थिक विकास को जोरदार बढ़ावा मिलना तय है। हमारे पास 60.5 करोड़ लोग 25 वर्ष से कम आयु के हैं। रोजगार के लिए उपयुक्‍त कौशल प्राप्‍त करके ये युवा परिवर्तन के प्रतिनिधि हो सकते हैं। वे न केवल अपने जीवन को प्रभावित करने के काबिल होंगे बल्‍कि दूसरों के जीवन में भी बदलाव ला सकेंगे।

इन्ही संदर्भ में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY- Pradhanmantri Kaushal Vikas Yojna) को युवाओं के कौशल प्रशिक्षण के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना के रूप में शुरू किया गया | इस योजना के तहत पाठ्यक्रमों में सुधार, बेहतर शिक्षण और प्रशिक्षित शिक्षकों पर विशेष जोर दिया गया है। प्रशिक्षण में अन्‍य पहलुओं के साथ व्‍यवहार कुशलता और व्‍यवहार में परिवर्तन भी शामिल है।

इस योजना को कौशल विकास और उद्यम मंत्रालय राष्‍ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के द्वारा क्रियान्वित कर रहा है | इसके द्वारा दिया गया कौशल प्रशिक्षण नेशनल स्‍किल क्‍वालिफिकेशन फ्रेमवर्कऔर उद्योग द्वारा तय मानदंडों पर आधारित होगा | केन्द्र और राज्य सरकारों, उद्योग और व्यावसायिक घरानों से विचार विमर्श कर भविष्‍य की मांग का आकलन भी किया जा रहा है |

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के लक्ष्‍य निर्धारित करते समय हाल में ही लागू किये गय प्रमुख कार्यक्रम जैसे कि ‘मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, राष्‍ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन और स्‍वच्‍छ भारत अभियान के मांगों को भी ध्‍यान में रखा जाएगा।

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इस योजना में मुख्‍य रूप से श्रम बाजार में पहली बार प्रवेश कर रहे लोगों पर जोर होगा और विशेषकर कक्षा 10 व 12 के दौरान स्‍कूल छोड़ गये छात्रों पर ध्‍यान केंद्रित किया जाएगा। योजना का क्रियान्‍वयन राष्‍ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के प्रशिक्षण साझेदारों द्वारा किया जाएगा। PMKVY- Pradhanmantri Kaushal Vikas Yojna के तहत सेक्‍टर कौशल परिषद व राज्‍य सरकारें भी कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों की निगरानी करेंगे।

इस योजना में एक कौशल विकास प्रबंधन प्रणाली भी तैयार की जाएगी जो प्रशिक्षण व पाठ्यक्रम की गुणवत्‍ता की जांच करेगी | जहां तक संभव होगा प्रशिक्षण प्रक्रिया में बायोमिट्रिक सिस्‍टम व वीडियो रिकार्डिंग भी शामिल की जाएगी यह प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की प्रभावशीलता का मूल्‍यांकन का मुख्‍य आधार होंगे। शिकायतों के निपटान के लिए भी एक प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र भी शुरू किया जाएगा।

भारत ने विश्व में सबसे तेजी से विकास कर रही अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान बना ली है। उम्मीद है कि भारत शीघ्र ही विश्व की तीन सबसे बड़े अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो जाएगा। वर्ष 2020 तक भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा विनिर्माण केन्द्र भी बन जाएगा। जनसंख्या के सकारात्मक कारकों और उच्च गुणवत्ता वाले कार्यबल की सतत उपलब्धता की मदद से हमारा देश विश्व अर्थव्यवस्था में विशेष छाप छोड़ सकता है।

भविष्य के बाजारों के लिए कौशल विकास से लेकर मानव संसाधन विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से अवश्य ही हमारी अर्थव्यवस्था को पूर्ण लाभ मिलेगा। कुशल भारत अभियान के तौर पर लागू की गई यह योजना मानव संसाधन और उद्योग के विकास में एक नए युग की शुरुआत करेगी।

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