केन्द्रीय सतर्कता आयोग – Central Vigilance Commission

केन्द्रीय सतर्कता आयोग – Central Vigilance Commission एक शीर्ष सतर्कता संस्थान है. अर्थात यह भारत में भ्रष्टाचार नियंत्रण की एक सर्वोच्च संस्था है. इस पोस्ट में आप इस संस्था के बारे विभिन्न बातें जैसे की केन्द्रीय सतर्कता आयोग क्या है, स्थापना, प्रतीक चिह्न, संरचना, प्रमुख भूमिका एवं कार्य के बारे में विस्तार से जानेंगे.

केन्द्रीय सतर्कता आयोग - Central Vigilance Commission

केन्द्रीय सतर्कता आयोग – Central Vigilance Commission


यह शीर्षस्थ सतर्कता संस्थान के रूप में, किसी भी कार्यकारी प्राधिकारी के नियत्रण से मुक्त संस्था है. यह केंद्र सरकार के अंतर्गत सभी सतर्कता गतिविधियों की निगरानी करता है. यह केन्द्रीय सरकारी संगठनों में विभिन्न प्राधिकारियों को उनके भ्रष्टाचार विरोधी कार्यों की योजना बनाने, निष्पादन करने, समीक्षा करने तथा सुधार करने में सलाह देता है.

अप्रैल 2004 में भारत सरकार ने ‘लोकहित प्रकटीकरण एवं मुखबिर संरक्षण’ प्रस्ताव द्वारा इस संस्था को भ्रष्टाचार के किसी भी आरोप को प्रकट करने अथवा कार्यालय का दुरूपयोग करने संबंधित लिखित शिकायतें प्राप्त करने तथा उचित कारवाई की सिफारिश करने वाली एक नामित एजेंसी के रूप में भी प्राधिकृत किया.

स्थापना


केन्द्रीय सतर्कता आयोग की स्थापना सतर्कता के क्षेत्र में केन्द्रीय सरकारी एजेंसियों को सलाह तथा मार्गदर्शन देने हेतु फरवरी 1964 में भारत सरकार द्वारा किया गया. इसकी स्थापना श्री के संथानम की अध्यक्षता वाली भ्रष्टाचार निवारण समिति की सिफारिशों पर किया गया. हालाँकि इसके लिए अधिनियम 2003 में पारित किया गया.

संरचना


इस आयोग में एक अध्यक्ष तथा अधिकतम दो सदस्य होते है. अध्यक्ष को केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त तथा सदस्य को सतर्कता आयुक्त कहते है. वर्तमान में केन्द्रीय सतर्कता आयोग श्री के.वि. चौदरि हैं तथा सतर्कता आयुक्त डॉo तेजेंद्र मोहन भसीन तथा श्री शरद कुमार हैं.

आयोग का एक स्वयं का सचिवालय, मुख्य तकनीकी परिक्षण सेक्शन तथा एक विभागीय जांच आयुक्त सेक्शन है.

  • केन्द्रीय सतर्कता आयोग सचिवालय
    • इसमें भारत सरकार के प्रमुखतः निम्न लोग होते है-
    • अपर सचिव स्तर के 1 सचिव
    • संयुक्त स्तर के 4 अधिकारी
    • निदेशक या उप सचिव स्तर के 30 अधिकारी
    • 4 अवर सचिव
    • कार्यालय स्टाफ होते है.
  • मुख्य तकनीकी परिक्षण सेक्शन – यह केन्द्रीय सतर्कता आयोग का तकनीकी सेक्शन होता है.
    • इसमें प्रमुखतः निम्न लोग होते है-
      • मुख्य इंजीनियर स्तर के दो इंजीनियर. इन्हें मुख्य तकनीकी परीक्षक कहा जाता है.
      • सहायक इंजीनियरिंग स्टाफ
    • कार्य –
      • सरकारी संगठनों के निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार से संबंधित तकनीकी पहलुओं का जांच करना
      • निर्माण कार्यों से संबंधित शिकायतों की जांच करना
      • तकनीकी मामलें वाले अन्वेषण
      • दिल्ली में सम्पत्ति के मुल्यांकन करने में सीबीआई को सहायता करना
      • तकनिकी मामलों में आयोग के अधिकारीयों को सलाह देना.
  • विभागीय जांच आयुक्त सेक्शन – ये लोक अधिकारी के विरुद्ध शिकायतों की मौखिक जांच करते है.
    • 14 विभागीय जांच आयुक्त होते है. इनमें 11 निदेशक स्तर के तथा 3 उपसचिव स्तर के पद होते है.

प्रतीक चिह्न


केन्द्रीय सतर्कता आयोग - Central Vigilance Commission logo

Central Vigilance Commission के प्रतीक चिह्न को प्रसिद्ध ग्राफ डिजायनर श्री बिनॉय सरकार द्वारा डिजायन किया गया है. इसकी प्रमुख विशेषताएँ निम्न है.

  • यह एक आँख का आलेखी चित्रण है जो अंग्रेजी के अक्षर C के भीतरी हिस्से में प्रदर्शित की गई है.
  • यह आँख सतर्क बने रहने के सामूहिक संकल्प का प्रतीक है.
  • यह अपने अंदर सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों पहलुओं को समाहित करता है.
  • प्रतीक चिह्न नीले रंग का है. नीला रंग सक्रीय, सदैव सतर्क परन्तु सकारात्मक एवं मैत्रीपूर्ण केन्द्रीय सतर्कता आयोग को व्यक्त करता है.

प्रमुख भूमिका एवं कार्य


केन्द्रीय सतर्कता आयोग – Central Vigilance Commission के प्रमुख भूमिका एवं कार्य निम्नलिखित है.

  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 से संबंधित मामलों के संबंध में
    • केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (Central Bureau of Investigation – CBI) के कार्यों का मुल्यांकन करना, अधीक्षण करना एवं निर्देश देना.
    • लंबित आवेदनों की प्रगति का मुल्यांकन
  • केंद्र सरकार द्वारा भेजे गये मामलों की जांच एवं अन्वेषण करना
  • किसी पदाधिकारी के विरुद्ध शिकायतों की जांच करना
  • केंद्र सरकार द्वारा भेजे गये मामलें पर सलाह देना
  • केन्द्रीय सरकारी मंत्रालयों, विभागों तथा संगठनों में भ्रष्टाचार प्रशासन का अधिक्षण करना.
  • किसी जांच के समय आयोग को सिविल न्यायलय के सभी अधिकार प्राप्त होते है.
  • संघ लोक सेवा एवं अखिल भारतीय सेवा सदस्यों के सतर्कता एवं नियंत्रण से संबंधित नियम एवं विनियम बनाने में केंद्र सरकार को परामर्श देना
  • प्रवर्तक निदेशक को नियुक्त करने वाली समिति में केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त तथा दोनों सतर्कता आयुक्त सदस्य होते है. इस समिति को यह अधिकार भी है की वह प्रवर्तक निदेशालय में उपनिदेशक एवं अन्य पदाधिकारियों की नियुक्ति के लिए प्रवर्तक निदेशक से परामर्श के बाद अपनी सिफारिशे दे.
  • इसी तरह केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त तथा दोनों सतर्कता आयुक्त
  • उस समीति के सदस्य होते है जो सीबीआई के अधिकारी (SP एवं उच्च अधिकारी को छोड़कर) के नियुक्ति, कार्यकाल, विस्तारण, लघुकरण करता है. इस समिति को भी यह अधिकार भी है की वह सीबीआई निदेशक से परामर्श के बाद अपनी सिफारिशे दे.

Hey, आशा है की इस पोस्ट को पढकर आप केन्द्रीय सतर्कता आयोग – Central Vigilance Commission के बारे में जान पाए होंगें. अगर इससे संबंधित किसी प्रकार का प्रश्न या सुझाव हो तो कमेंट करें अन्यथा कांटेक्ट अस के माध्यम से सम्पर्क करें. अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर करें. धन्यवाद.

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