विश्व की सभी स्थानीय पवनों की हिंदी में पूरी जानकारी

विश्व की स्थानीय पवनें वायुमंडल की तृतीय परिसंचरण प्रणाली है, छोटे क्षेत्र में प्रभावी होने के बाबजूद क्षेत्र विशेष के मौसम और जलवायु के ये प्रमुख निर्धारक तत्व होते है. हमनें पवनों के प्रकार पोस्ट, जिसमें हमने सभी प्रकार की पवनों के बारे में विस्तृत चर्चा किया है, में भी कहा था की स्थानीय पवनें वायुमंडल की विशिष्ट वायुमंडलीय परिसंचरण प्रणाली है. हम इस पोस्ट में विश्व की स्थानीय पवनें के बारे में विस्तृत चर्चा करेंगें. हम यहाँ विभिन्न स्थानीय पवनें जैसे चिनूक, फ़ोन, सिराको, बोरा, मिस्ट्रल, ब्लिजार्ड आदि के बारे में भी समझेंगे. Vishwa ki sthaniya pawnen hindi me.

विश्व की स्थानीय पवनें

इस पोस्ट को पढने के बाद आप स्थानीय पवनें से संबंधित निम्न स्तर के पश्न हल कर पाने की स्थिति में होंगें.

  • तृतीय परिसंचरण प्रणाली को समझाते हुए स्थानीय जलवायु और मौसमी दशाओं पर इसके प्रभावों को बतायें
  • कई विशिष्ट स्थानीय पवनें चक्रवातीय एवं प्रतिचक्रवतीय वायुमंडलीय विक्षोभों से संबंधित है. इनकी उत्पत्ति की प्रक्रिया को समझाते हुए इनके स्थानीय प्रभावों को समझाएं
  • स्थानीय पवनें किस पारकर द्वितीय परिसंचरण प्रणाली से संबंधित होते है उदहारण के साथ इसकी व्याख्या करें

विश्व की स्थानीय पवनें


विश्व की स्थानीय पवनें मुख्यतः स्थानीय स्तर पर तापमान एवं वायुदाब की विशिष्ट दशाओं में उत्पन्न होती है. कई विशिष्ट स्थानीय पवनों के विकास में प्रत्यक्ष रूप से वायुमंडल की द्वितीय परिसंचरण प्रणाली का योगदान होता है. यही कारण है की स्थानीय पवनों को वायुमंडल का तृतीय परिसंचरण कहा जाता है. यह भी पढ़ें- वायुमंडलीय परिसंचरण क्या है हिंदी में. 

स्थानीय पवनों के प्रकार


हम बात करने जा रहे है विश्व की स्थानीय पवनें के विभिन्न प्रकारों की. विश्व की स्थानीय पवनें को उनकी प्रकृति के आधार पर गर्म एवं ठंडी पवनों में विभाजित किया जाता है. आइये एक-एक कर प्रमुख गर्म स्थानीय पवनों और ठंडी स्थानीय पवनों के बारे में जानकारी प्राप्त करते है.

प्रमुख गर्म स्थानीय पवनें


प्रमुख गर्म स्थानीय पवनों में चिनूक, फोन, सिराको, हरमट्टान, लू आदि प्रमुख है.

चिनूक chinook

चिनूक एक प्रमुख गर्म स्थानीय पवन है इसकी उत्पत्ति द्वितीय परिसंचरण प्रणाली पर स्थानीय कारकों के प्रभावों के फलस्वरूप होता है. रॉकी पर्वत के पूर्वी ढाल के सहारे उतरती हुई गर्म पवनों को प्रेयरी के मैदान में चिनूक कहा जाता है. चिनूक के बारे में विस्तार पूर्वक पढने के लिए क्लिक करें- चिनूक से क्या अभिप्राय है?

फोन या फोहन foehn

फोन या फोहन, चिनूक के समान ही पर्वतों के ढाल से उतरती हुई गर्म स्थानीय पवन है. इसकी उत्पत्ति शीतोष्ण चक्रवात, रुद्धोश्म परिवर्तन और आल्पस पर्वत की भौगोलिक स्थिति से संबंधित है. आल्पस पर्वत के उपर से गुजरती हुई शीतोष्ण चक्रवात के प्रभाव से आल्पस के दक्षिणी ढाल के सहारे उपर उठने वाली हवाएं जो आल्पस को पार करके उत्तरी ढाल के सहारे उतरती है. इसे फ़ोन या फोहन कहते है.

इसके कारण स्विट्ज़रलैंड, फ़्रांस, जर्मनी, आस्ट्रिया और सलंग्न यूरोपीय प्रदेशों के तापमान में थोड़ी वृद्धि होती है और शीतकालीन जलवायु एवं मौसमी दशाओं में अनुकूलता उत्पन्न होती है. स्विट्ज़रलैंड की शीतकालीन मौसमी दशाओ का अनुकूल होना, यहाँ के पर्यटन उद्योग के विकास का एक प्रमुख आधार है, जिसमें फोन स्थानीय पवन सर्वाधिक प्रभावी कारक है.

सिराको sirocco

सिराको एक व्यापक प्रभाव वाली गर्म स्थानीय पवन है. इसकी उत्पत्ति शीतकाल में सहारा मरुस्थल पर विकसित उच्च वायुदाब के क्षेत्र और प्रतिचक्रवातीय दशाओं के कारण होती है. इसकी उत्पत्ति में भूमध्यसागरीय शीतोष्ण चक्रवात का प्रमुख योगदान है. इसी कारण सिराको को तृतीय परिसंचरण प्रणाली के अंतर्गत रखा जाता है.

सिराको स्थानीय कारको के साथ ही वायुमंडल की द्वितीय परिसंचरण प्रणाली से भी पुर्णतः संबंधित है. शीतकाल में सहारा मरुस्थल में उच्च वायुदाब के वृहद् क्षेत्र का विकास होता है. इस समय भूमध्य सागर पर निम्न वायुदाब की स्थिति होती है और यहां शीतोष्ण चक्रवात की उत्पत्ति होती है. इसके प्रभाव से सहारा मरुस्थल क्षेत्र से हवाएं भूमध्य सागर की ओर प्रवाहित होने लगती है.

यह गर्म एवं शुष्क होती है, जिसके साथ धुल भारी आंधिया चलती है. भूमध्य सागर के उपर से गुजरते हुए यह आर्द्रता प्राप्त कर लेती है. इसका प्रभाव स्पेन एवं इटली तक होता है. जहाँ इससे लाल-धुल की वर्षा होती है. इसे रक्त वृष्टि कहा जाता है. इसका नकारात्मक प्रभाव भूमध्यसागरीय जलवायु पर होता है.

विभिन्न क्षेत्रों में सिराको को विभिन्न नाम से जाना जाता है. इटली में इसे सिराको, मिश्र में खमसीन, लीबिया में गिबली, टयूनेशिया में चिली, अरब के रेगिस्तान में सिसुम, स्पेन में लेवेश, मदीरा तथा कनारी द्वीप में इसे लेस्ट कहा जाता है.

हरमट्टान 

यह सहारा मरुस्थल से उत्पन्न होने वाली गर्म, शुष्क स्थानीय पवनें है. यह गिनी तट की ओर प्रवाहित होती है. हरमट्टान के कारण गिनी तट के क्षेत्र में उमस भरा वातावरण समाप्त हो जाता है और उष्णआर्द्र मौसमी दशाओं के कारण उत्पन्न मौसमी बीमारियाँ ठीक होने लगती है इसी कारण इसे डॉक्टर पवन भी कहा जाता है. एक तरह से इसकी उत्पत्ति भी चक्रवातीय दशाओं से भी संबंधित है.

अन्य गर्म स्थानीय पवनें


चिनूक, फोन, सिराको, हरमट्टान के अतिरिक्त विश्व की स्थानीय पवनें गर्म इस प्रकार है-

गर्म स्थानीय पवन क्षेत्र
ब्लैक रोलर उत्तरी अमेरिका के मैदान
योमा जापान
टेम्पोरल मध्य अमेरिका
सिसुम अरब रेगिस्तान
सामुन ईरान व इराक
शामल ईरान, इराक और अरब के मरुस्थलीय क्षेत्र
सीस्टन पूर्वी ईरान
हबूब उत्तरी सूडान
कराबुरान मध्य एशिया
कोईम्बैंग जावा द्वीप (इंडोनेशिया)
ब्रिकफील्डर आस्ट्रेलिया
नार्वेस्टर न्यूजीलैंड
लू भारत
सेंतएना केलिफोर्निया
जोंडा अर्जेन्टीना और युरुग्वे

प्रमुख ठंडी स्थानीय पवनें


प्रमुख ठंडी स्थानीय पवनों में बोरा, मिस्ट्रल, और ब्लिजार्ड प्रमुख है.

बोरा एवं मिस्ट्रल

बोरा एवं मिस्ट्रल दोनों समान प्रकृति की ठंडी पवन है. ये यूरोप में शीतकाल में विकसित प्रतिचक्रवातीय दशाओं और यहां से गुजरने वाली शीतोष्ण चक्रवातों के अंतर्संबंधो से उत्पन्न होती है. इस तरह यह प्रत्यक्ष रूप से वायुमंडल की द्वितीय परिसंचरण प्रणाली से संबंधित होती है. यही कारण है की इसे वायुमंडल का तृतीय परिसंचरण प्रणाली कहा जाता है.

बोरा का प्रभाव एड्रियाटिक सागर तट और उत्तरी इटली में होता है. मिस्ट्रल का प्रभाव फ़्रांस के रोन घाटी और स्पेन तक होता है. इन दोनों पवनों में तीव्र वेग से ठंडी हवाएं चलती है जिसके कारण, इससे प्रभावित क्षेत्रों के तापमान में कमी आती है और पाला का विकास होता है. जो कृषि फसलों के लिए नुकसान देह होता है. इससे सामान्य जन जीवन भी प्रतिकूल रूप से प्रभावित होता है.

ब्लिजार्ड

ब्लिजार्ड ध्रुवीय क्षेत्र से उत्पन्न होने वाली अत्यंत ठंडी पवन है. इसके साथ अत्यंत तीव्र वेग से हिम भरी आंधिया चलती है. इसी कारण इसे हिम झंझावत कहते है. इसके कारण तापमान में बहुत तेजी से गिरावट होती है और सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त हो जाता है. लगभग प्रत्येक वर्ष इन बर्फीली आँधियों का प्रभाव रूस, उत्तर पश्चिम चीन, यूरोप, USA तथा कनाडा में उत्पन्न होता रहता है.

उत्तरी साइबेरिया एवं उत्तरी यूरोपीय प्रदेश से उत्पन्न होने वाली इन ठंडी पवनों को ब्लिजार्ड कहा जाता है. इसका प्रभाव रूस के दक्षिणी भाग तक और दक्षिणी यूरोप तक हो जाता है. उत्तरी अमेरिका में कनाडा के उत्तरी भाग से उत्पन्न होने वाली इन ठंडी पवनों का प्रभाव USA तक हो जाता है. यहाँ इसे नादर्न कहते है.

ब्लिजार्ड पवनों को संयुक्त राज्य अमेरिका में नादर्न, साइबेरिया में बुरान कहते है. साइबेरिया में ही बर्फीली आंधी को पुरगा कहते है.

अन्य ठंडी स्थानीय पवनें


बोरा, मिस्ट्रल, और ब्लिजार्ड के अतिरिक्त अन्य प्रमुख ठंडी विश्व की स्थानीय पवनें इस प्रकार है.

ठंडी स्थानीय पवन क्षेत्र
नार्टे USA
पेम्पेरों अर्जेंटीना, चिली, युरुग्वे
ग्रेगाले द. यूरोप के भूमध्यसागरीय क्षेत्र
जुरन स्विट्ज़रलैंड से इटली तक
मैस्ट्रो भूमध्यसागरीय क्षेत्र के मध्यवर्ती भाग
पूना इंडीज क्षेत्र
पापागायो मेक्सिको तट
पोनन्त भूमध्यसागरीय क्षेत्र
विरासेन पेरू तथा चिली के पश्चिमी तट पर
दक्षिणी बस्टर्र आस्ट्रेलिया
बाईज फ्रांस
लेवांटर दक्षिणी स्पेन
फ्राईजेम ब्राजील के कम्पोस एवं मध्य अमेजन

भारत की स्थानीय पवनें


भारत की स्थानीय पवनों की बात की जाये तो मुख्य रूप से दो स्थानीय पवन का वर्णन किया जा सकता है- लू और शीतलहरी. आइये इन्हें समझते है.

लू

लू भारत में गर्मियों में चलने वाली एक गर्म एवं शुष्क पवन है. इससे कुछ समय के लिए जन जीवन बेहाल हो जाता है लेकिन यह अच्छे मानसून को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है.

शीतलहरी

भारत में शीतकाल में उत्तरी मैदानी भागों में ठंडी हवाओं को शीतलहरी कहा जाता है. इसके विकास में  उत्तरी क्षेत्रों से आने वाले ध्रुवीय झंझावात को भी प्रभावी कारक के रूप में माना जाता है.

निष्कर्ष

स्पष्टतः स्थानीय पवनें भी व्यापक प्रभाव उत्पन्न करती है जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव मौसमी एवं जलवायविक दशाओं तथा मानवीय अधिवासीय क्षेत्रों पर होता है. विश्व के प्रायः सभी क्षेत्रों में स्थानीय कारको और द्वितीय परिसंचरण प्रणाली की अंतर्क्रिया से क्षेत्रीय एवं स्थानीय स्वरूप वाली गर्म तथा ठंडी पवनों की उत्पत्ति होती है, जो की वायुमंडलीय परिसंचरण और वायुमंडलीय विक्षोभों को उत्पन्न करती है.

Hey, आशा है की इस आर्टिकल को पढ़कर आप विश्व की स्थानीय पवनें की जानकारी प्राप्त कर पाए होंगें. अगर इसे समझने में किसी तरह की परेशानी हो तो अथवा इससे संबंधित कोई प्रश्न या सुझाव हो तो नीचे कमेंट करें अन्यथा हमारे कांटेक्ट अस के माध्यम से सम्पर्क करें. अगर यह जानकारी आपको अच्छी लगी तो इसे शेयर जरुर करें ताकि अन्य लोग भी इस जानकारी से लाभान्वित हो सकें. इस आर्टिकल को पढने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद.

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