फर्जी प्रमाण पत्र- एक सच्ची वाकया

फर्जी प्रमाण पत्र- एक सच्ची वाकया

फर्जी प्रमाणपत्र एक सच्ची वाकया है जो की खुद मेरे साथ गठित हुई है| यानी की कहा जा सकता हा की इस कहानी का मैं स्वयं एक पात्र हूँ| यह कहानी मेरे द्वारा एक फर्जी प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने और उससे होने वाले परेशानी से संबंधित है| आइये ‘फर्जी प्रमाण पत्र- एक सच्ची वाकया’ कहानी की शुरुआत करते है| मैं बुरी तरह डर चुका था| मैंने सपने में भी नही सोचा था की…

किशोरी की निर्णय-एक हिंदी कहानी

किशोरी की निर्णय-एक हिंदी कहानी

यूँ तो उसकी उम्र कुछ बत्तीस-तैतीस ही रही होगी पर किस्मत की मारी किशोरी के पास ऐसा कुछ न था जिसमें वह विधाता को धन्यवाद दे| बंधे हुए पर बिखरे बाल जो शायद एकाध माह में खुलता रहा हो, रुखी आँखे, कमजोर शरीर, मुश्किल से एकाध चिथड़े कपड़े| हालाँकि उसके सुडौल उभार उसे स्त्रीत्व में धनी बनाते थे लेकिन वह सपने में भी नहीं चाहती थी की इसका पता दुनिया को चलें|  यदा कदा इसे…

डरपोक और साहसी- एक हिंदी कहानी

डरपोक और साहसी- एक हिंदी कहानी

रात अधिक हो रही थी| रेलगाड़ी रफ्तार पकड़ें भागी जा रही थी|  घड़ी की सुइयां भी ट्रेन जितनी रफ्तार में ना सही पर लगातार भागे जा रही थी| शायद ग्यारह या बारह बज रहे होंगे|  रेलगाड़ी की एक डब्बे में कुछ लड़के चुहलबाजी कर रहे थे| सभी यात्री आतंकित थे| छोकरे न खुद शांत थे और ना किसी को शांत रहने दे रहे थे| लगातार बदतमीजी भरी बातें, अभद्र टिप्पणियां, आपस में गाली गलोच किए जा रहे थे| उनकी…