पृथ्वी की आंतरिक संरचना की सामान्य जानकारी

पृथ्वी के भूगर्भिक संरचना की विशेषताएँ

भूगोल के अध्ययन से पूर्व मेरा अनुमान था की ‘पृथ्वी एक खोखली गेंद की तरह है और हम इसके अंदर रहते है’. लेकिन भूगोल के अध्ययन से यह ज्ञात हुआ की ‘यह एक ठोस गेंद की तरह है और हम इसके बाहर चिपके हुए अवस्था में है’ अब प्रश्न उठता है की इसके अंदर क्या है और सतह पर घटित घटनाओं में इसके आंतरिक संरचना का क्या रोल है, तो इसका उत्तर है की भूपटल…

पृथ्वी की भूगर्भिक सरंचना के जानकारी के स्त्रोत

पृथ्वी की भूगर्भिक सरंचना के जानकारी के स्त्रोत

भूकम्प में धरती क्यों हिलती है, या ज्वालामुखी कैसे निकलती है, या हम पृथ्वी से कैसे चिपके रहते है, इस तरह के प्रश्न का उत्तर, पृथ्वी की आंतरिक संरचना की जानकारी प्राप्त होने के पहले, दे पाना कठिन था. वैज्ञानिकों ने क्रमिक रूप से विभिन्न स्त्रोतों को आधार बना पृथ्वी की आंतरिक संरचना की जानकारी हासिल किया. इन्हें पृथ्वी की भूगर्भिक सरंचना के जानकारी के स्त्रोत कहते है. हम यहाँ इन्हीं विभिन्न स्त्रोतों के बारे में जानेंगें. …

पृथ्वी की भू आकृतियां

पृथ्वी की भू आकृतियां

पृथ्वी की भूपर्पटी (The crust) पर दिखाई देने वाली भौतिक आकृतियों को भू आकृतियां (Landforms) कहा जाता है. इन भू आकृतियों का निर्धारण पृथ्वी की भूगर्भिक शक्तियों और बाह्य शक्तियों के अंतर्क्रिया से होती है, इन्हें अंतर्जात बल (Endogenic force) एवं बहिर्जात बल (Exogenic force) कहते है. ये पृथ्वी पर भौतिक विषमता (उच्चावच विषमता) को उत्पन्न करते है, इससे ही पृथ्वी की भौतिक भूदृश्य (Landscape) का निर्धारण होता है. [यह भी पढ़ें- सूर्यातप] पृथ्वी की…

संवहनिक ऊर्जा तरंग, पूराचुम्बकत्व, प्लेट विवर्तनिकी और सागर नितल प्रसरण जैसे नवीन सिद्धांत ने कैसे महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत की पुष्टि की

वेगनर के महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत में माना गया की महाद्वीपों एवं महासागरों के वर्तमान स्थिति का निर्धारण महाद्वीपों के विखंडन एवं विस्थापन के द्वारा हुई है. लेकिन इस संबंध में वेगनर द्वारा अपनाये गये महाद्वीपों के विखंडन एवं विस्थापन के कारणों से संबंधित व्याख्या अवैज्ञानिक था. इसके बाबजूद इस सिद्धांत ने यह प्रमाणित कर दिया की महाद्वीपों का विस्थापन हुआ है. बाद में आने वाले नवीन सिद्धांत जैसे होम्स का संवहनिक ऊर्जा तरंग, पूराचुम्बकत्व, प्लेट विवर्तनिकी…

प्लेट टेक्टोनिक्स थ्योरी का आलोचनात्मक परीक्षण

प्लेट टेक्टोनिक्स थ्योरी का आलोचनात्मक परीक्षण

प्लेट टेक्टोनिक्स थ्योरी (प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत) के द्वारा लगभग सभी भूगर्भिक क्रियाएं (Geologic activity) जैसे की भूकम्प, ज्वालामुखी, वलित पर्वतों की उत्पत्ति, सागर नितल प्रसरण, कटक निर्माण तथा ट्रेंच आदि की व्याख्या की जा सकी. तमाम भूगर्भिक क्रियाओं की सर्वाधिक वैज्ञानिक व्याख्या के बाबजूद इस सिद्धांत में भी कई मौलिक कमियां बनी हुई है और इस आधार पर इसकी आलोचना भी की जाती है. इसी सन्दर्भ में हम यहाँ प्लेट टेक्टोनिक्स थ्योरी का आलोचनात्मक परीक्षण करेंगें. प्लेट टेक्टोनिक्स थ्योरी के…

प्लेट विवर्तनिक सिद्धांत द्वारा भूगर्भिक क्रियाओं की व्याख्या

प्लेट विवर्तनिक सिद्धांत

प्लेट विवर्तनिक सिद्धांत (Theory of plate tectonics) को भूभौतिकी के क्षेत्र में क्रांतिकारी सिद्धांत माना गया. 1960 के दशक में विकसित इस सिद्धांत ने सर्वाधिक वैज्ञानिक आधारों पर प्रायः सभी भूगर्भिक क्रियाओं की व्याख्या का प्रयास किया. इसका मूल आधार स्थलमंडल में स्थित प्लेटों की गतिशीलता और सीमांत भागों में घटित क्रियाएँ है. प्लेट विवर्तनिक सिद्धांत के बारे में बेसिक जानकरियों के लिए ‘प्लेट विवर्तनिक पोस्ट‘ को पढ़ सकते है. इस थ्योरी के आने के बाद…

प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत हिंदी में

प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत

प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत (Plate tectonics theory) (प्लेट टेक्टानिक्स थ्योरी) 1960 के दशक में विकसित एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है. इसके द्वारा भूगर्भिक क्रियाओं की सर्वाधिक वैज्ञानिक व्याख्या की जा सकी. इस सिद्धांत में मूल रूप से यह माना गया की स्थलमंडल (Lithosphere) कई प्लेटों में विभक्त है, और यह प्लेटें नीचे स्थित प्लास्टिक दुर्बलमंडल के उपर अस्थिर (unsteady) अवस्था में है. प्लास्टिक दुर्बलमंडल से उत्पन्न होने वाली संवहनिक ऊर्जा तरंगों (Vascular energy waves) के कारण इन…