संवहनिक ऊर्जा तरंग, पूराचुम्बकत्व, प्लेट विवर्तनिकी और सागर नितल प्रसरण जैसे नवीन सिद्धांत ने कैसे महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत की पुष्टि की

वेगनर के महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत में माना गया की महाद्वीपों एवं महासागरों के वर्तमान स्थिति का निर्धारण महाद्वीपों के विखंडन एवं विस्थापन के द्वारा हुई है. लेकिन इस संबंध में वेगनर द्वारा अपनाये गये महाद्वीपों के विखंडन एवं विस्थापन के कारणों से संबंधित व्याख्या अवैज्ञानिक था. इसके बाबजूद इस सिद्धांत ने यह प्रमाणित कर दिया की महाद्वीपों का विस्थापन हुआ है. बाद में आने वाले नवीन सिद्धांत जैसे होम्स का संवहनिक ऊर्जा तरंग, पूराचुम्बकत्व, प्लेट विवर्तनिकी…

प्लेट टेक्टोनिक्स थ्योरी का आलोचनात्मक परीक्षण

प्लेट टेक्टोनिक्स थ्योरी का आलोचनात्मक परीक्षण

प्लेट टेक्टोनिक्स थ्योरी (प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत) के द्वारा लगभग सभी भूगर्भिक क्रियाएं (Geologic activity) जैसे की भूकम्प, ज्वालामुखी, वलित पर्वतों की उत्पत्ति, सागर नितल प्रसरण, कटक निर्माण तथा ट्रेंच आदि की व्याख्या की जा सकी. तमाम भूगर्भिक क्रियाओं की सर्वाधिक वैज्ञानिक व्याख्या के बाबजूद इस सिद्धांत में भी कई मौलिक कमियां बनी हुई है और इस आधार पर इसकी आलोचना भी की जाती है. इसी सन्दर्भ में हम यहाँ प्लेट टेक्टोनिक्स थ्योरी का आलोचनात्मक परीक्षण करेंगें. प्लेट टेक्टोनिक्स थ्योरी के…

प्लेट विवर्तनिक सिद्धांत द्वारा भूगर्भिक क्रियाओं की व्याख्या

प्लेट विवर्तनिक सिद्धांत

प्लेट विवर्तनिक सिद्धांत (Theory of plate tectonics) को भूभौतिकी के क्षेत्र में क्रांतिकारी सिद्धांत माना गया. 1960 के दशक में विकसित इस सिद्धांत ने सर्वाधिक वैज्ञानिक आधारों पर प्रायः सभी भूगर्भिक क्रियाओं की व्याख्या का प्रयास किया. इसका मूल आधार स्थलमंडल में स्थित प्लेटों की गतिशीलता और सीमांत भागों में घटित क्रियाएँ है. प्लेट विवर्तनिक सिद्धांत के बारे में बेसिक जानकरियों के लिए ‘प्लेट विवर्तनिक पोस्ट‘ को पढ़ सकते है. इस थ्योरी के आने के बाद…

प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत हिंदी में

प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत

प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत (Plate tectonics theory) (प्लेट टेक्टानिक्स थ्योरी) 1960 के दशक में विकसित एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है. इसके द्वारा भूगर्भिक क्रियाओं की सर्वाधिक वैज्ञानिक व्याख्या की जा सकी. इस सिद्धांत में मूल रूप से यह माना गया की स्थलमंडल (Lithosphere) कई प्लेटों में विभक्त है, और यह प्लेटें नीचे स्थित प्लास्टिक दुर्बलमंडल के उपर अस्थिर (unsteady) अवस्था में है. प्लास्टिक दुर्बलमंडल से उत्पन्न होने वाली संवहनिक ऊर्जा तरंगों (Vascular energy waves) के कारण इन…

पृथ्वी के ताप कटिबन्ध

पृथ्वी के ताप कटिबन्ध

पृथ्वी के ताप कटिबन्ध या तापीय पेटियां अक्षांसो के समानांतर पाए जाते है. इन्हें विभिन्न कारक निर्धारित एवं प्रभावित करते है. इस आर्टिकल में आप पृथ्वी के ताप कटिबन्ध जैसे की विषुवतीय प्रदेश, अन्तः उष्णकटिबंधीय पेटी, उष्णकटिबन्धीय पेटी, उपोष्णकटिबंध, शीतोष्ण कटिबंध, शीत कटिबंध – टैगा, टुंड्रा, हिमाच्छादित प्रदेश के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी पाएंगें. पृथ्वी के ताप कटिबन्ध पृथ्वी पर तापमान की दशाएं पृथ्वी की अक्षांसीय वितरण, सूर्य की किरणों के तिरछेपन, सूर्यातप की मात्रा…

वायुदाब पेटियों में विचलन तथा प्रभाव

वायुदाब पेटियों में विचलन तथा प्रभाव

वायुदाब पेटियों की अक्षांसीय स्थिति एक आदर्श दशा है जो इसी रूप में वर्ष भर नहीं पाई जाती है. इसमें महासागरों एवं महाद्वीपों के वितरण और विषमता के कारण तथा पर्वत, पठार, मैदान घाटी जैसी स्थलाकृतिक कारकों के कारण वायुदाब पेटियों में विचलन पाया जाता है. वायुदाब पेटियों में विचलन के व्यापक प्रभाव होते है. इस आर्टिकल में आप इससे संबंधित बातों को पढेंगें. यह भी पढ़ें- पृथ्वी की वायुदाब पेटियां वायुदाब की बेसिक समझ सागरीय भागों पर…

आर्द्रता तथा संघनन के रूप

सापेक्षिक आर्द्रता

वायुमंडल में स्थित जल के गैसीय या वाष्पीकृत रूप को आर्द्रता humidity कहते है. यह क्षेत्र विशेष में उपलब्ध जल के स्त्रोतों एवं तापीय दशाओं से निर्धारित होती है. इसे आर्द्रता सामर्थ्य, निरपेक्ष आर्द्रता और सापेक्षिक आर्द्रता के संबंध में समझा जाता है. निश्चित तापमान एवं आयतन पर वायु में आर्द्रता धारण करने की एक अधिकतम क्षमता होती है. इसे आर्द्रता सामर्थ्य कहते है. वायु में उपस्थित आर्द्रता की मात्रा को निरपेक्ष आर्द्रता व्यक्त करता…