क्या राष्ट्रपति किसी गलत कानून को बनने से रोक सकता है?

भारतीय राष्ट्रपति की वीटो शक्तियां

अपने शाब्दिक रूप में वीटो निषेधाधिकार या रोकने की शक्ति के लिए प्रयुक्त होता है| यह अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग मायने में प्रयोग किया जाता है| भारत के राष्ट्रपति की वीटो शक्तियां संसद द्वारा पारित विधेयक के संदर्भ में होती है| राष्ट्रपति को संसद द्वारा पारित विधेयक के संबंध में वीटो की शक्तियां संविधान द्वारा प्रदान की गई है| इस शक्ति को प्रदान करने का उद्देश्य है- संसद को जल्दबाजी और सही ढंग से विचारित…

क्या आप जानते है की भारत के राष्ट्रपति को क्या-क्या शक्तियाँ प्राप्त है?

हम इस आर्टिकल में भारत के राष्ट्रपति के प्रमुख कार्य एवं शक्तियों की चर्चा करेंगें| भारत में राष्ट्रपति राष्ट्र तथा सरकार दोनों के औपचारिक प्रमुख होते है| उसे औपचारिक रूप से बहुत सी कार्यकारी, विधायी, वित्तीय, न्यायिक या क़ानूनी, कुटनीतिक, सैन्य, वीटो व आपातकालीन शक्तियां प्राप्त होती है| हालाँकि संसदीय व्यवस्था होने के नाते राष्ट्रपति वास्तव में इन शक्तियों का प्रयोग मंत्रिपरिषद की सलाह पर ही करता है|  इस पोस्ट में हम देखेंगे की भारत…

संविधान समाज को क्या देता है?

संविधान समाज को क्या देता है?

संविधान समाज को क्या देता है? यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है| आखिर हम संविधान को क्यों माने? यह हमें क्या प्रदान करता है? समाज के लिए इसकी जरूरत ही क्या है? हम संविधान का सम्मान क्यों करे? इसमें लिखी बातों को हम क्यों महत्व दे? ‘संविधान समाज को क्या देता है?’ आर्टिकल को पढने के बाद आप इस तरह के तमाम पश्नों का उत्तर पाएंगें| आइये चर्चा की शुरुआत करते है.. संविधान समाज को क्या…

मूल अधिकार या मौलिक अधिकार किसे कहते है? हिंदी में विस्तृत व्याख्या

मूल अधिकार या मौलिक अधिकार किसे कहते है?

संविधान द्वारा प्रदत्त और सुरक्षित बुनियादी अधिकार मूल अधिकार या मौलिक अधिकार का सबसे सटीक वर्णन है| लगभग अधिकतर लोकतांत्रिक देश अपने नागरिको को कुछ बुनियादी अधिकार प्रदान करते है एवं उन्हें सुरक्षित बनाने हेतु संविधान में सूचीबद्ध करते है|अधिकारों को सुरक्षित करने से तात्पर्य है की उन्हें राज्य द्वारा भी खत्म या सीमित न किया जा सकें| भारतीय संदर्भ में, आजादी की संघर्ष में ही हमारे नेताओं ने बुनियादी अधिकारों के महत्व को पहचाना…

राष्ट्रपति और राज्यपाल की क्षमादान शक्ति

राष्ट्रपति और राज्यपाल की क्षमादान शक्ति

भारत के राष्ट्रपति भारत के अधिकारिक प्रमुख होते है जबकि राज्यपाल राज्य के कार्यकारी प्रमुख होते है| हालाँकि संविधान में इन्हें नाममात्र का कार्यकारी प्रमुख बनाया गया है तथापि इनकी भूमिका को रबड़ की स्टाम्प की तरह नही बनाया गया है| इन्हें संविधान द्वारा कई परिस्थितियों में विभिन्न शक्तियां प्रदान की गई है| इन शक्तियों में क्षमादान की शक्ति को प्रमुख कहा जा सकता है| हम यहाँ इन्ही के बारे में चर्चा करेंगे| हम देखेंगे…

राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की शक्ति की जानकारी हिंदी में

राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की शक्ति

राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की शक्ति को राष्ट्रपति की प्रमुख शक्ति एवं कार्य कहा जा सकता है| भारत के राष्ट्रपति अधिकारिक रूप से भारत राज्य के प्रमुख होते है और  हालाँकि वास्तविक अर्थो में सरकार का प्रमुख प्रधानमंत्री होते है एवं राष्ट्रपति प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद के सलाह के अनुसार कार्य करता है| भारतीय संविधान द्वारा राष्ट्रपति को कई तरह की शक्तियां, कार्य, कर्तव्य एवं दायित्व प्रदान किये गये है| इनमें राष्ट्रपति की…

संसदीय विशेषाधिकार का मुद्दा

संसदीय विशेषाधिकार क्या है

कुछ समय से संसदीय विशेषाधिकार का मुद्दा काफी चर्चा में रहा है| कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष द्वारा दो पत्रकारों को कारावास का आदेश एवं इससे पूर्व तमिलनाडु विधान सभा अध्यक्ष द्वारा पांच पत्रकारों के गिरफतारी के निर्दश के बाद संसद के विशेषाधिकार को लेकर अनेक प्रश्न उठाये जाने लगे| हम यहाँ इन्ही संदर्भ में बात करेंगे| हम चर्चा करेंगे की संसदीय विशेषाधिकार क्या है? भारतीय परिप्रेक्ष्य में इसे कहाँ से ग्रहण किया गया? यह कितना सही और…