नागरिकों के मूल कर्तव्य

नागरिकों के मूल कर्तव्य

मौलिक कर्तव्य पूर्व सोवियत संघ के संविधान से ग्रहण किया गया है जिसे भारतीय संरचना प्रदान करते हुए संविधान में अधिग्रहित किया गया है| भारत के मूल संविधान में मौलिक कर्तव्य की कोई चर्चा नहीं मिलती है| इसे 1976 में 42वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान में भाग 4 क जोड़ कर स्थान दिया गया| यह स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों के आधार पर हुआ था| अनुच्छेद 51 A में 10 मौलिक कर्तव्य जोड़े गए| 86…