केन्द्रीय सतर्कता आयोग – Central Vigilance Commission

केन्द्रीय सतर्कता आयोग - Central Vigilance Commission

केन्द्रीय सतर्कता आयोग – Central Vigilance Commission एक शीर्ष सतर्कता संस्थान है. अर्थात यह भारत में भ्रष्टाचार नियंत्रण की एक सर्वोच्च संस्था है. इस पोस्ट में आप इस संस्था के बारे विभिन्न बातें जैसे की केन्द्रीय सतर्कता आयोग क्या है, स्थापना, प्रतीक चिह्न, संरचना, प्रमुख भूमिका एवं कार्य के बारे में विस्तार से जानेंगे. केन्द्रीय सतर्कता आयोग – Central Vigilance Commission यह शीर्षस्थ सतर्कता संस्थान के रूप में, किसी भी कार्यकारी प्राधिकारी के नियत्रण से…

क्या है लाभ का पद जिसे लेकर अक्सर होती है सियासी घमासान

लाभ का पद Office of Profit

कुछ समय पहले लाभ का पद Office of Profit Act का मुद्दा काफी चर्चा में आया, क्योंकि लाभ का पद धारण करने के कारण दिल्ली विधानसभा में केजरीवाल सरकार के 20 विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया गया था| इससे पूर्व भी कई बार लाभ के पद धारण करने के कारण लोकसभा सदस्यों या राज्य विधानसभा के सदस्यों को राष्ट्रपति द्वारा सांसद या विधायक होने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाता रहा है| हम इस पोस्ट में…

भारतीय राष्ट्रपति किस स्थिति में इमरजेंसी की घोषणा करता है

राष्ट्रपति की आपातकालीन शक्तियां व कार्य

भारत में राष्ट्रपति राज्य के औपचारिक प्रधान होते है| उन्हें औपचारिक रूप से अनेक कार्यकारी, विधायी, वित्तीय, न्यायिक आदि शक्तियां प्राप्त होती है| इन शक्तियों में राष्ट्रपति की आपातकालीन शक्तियां यानि इमरजेंसी पॉवर प्रमुख है| राष्ट्रपति इन इमरजेंसी पॉवर का प्रयोग प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रीमंडल के सलाह पर करता है|  हम इस पोस्ट में चर्चा करेंगें की राष्ट्रपति को कौन-कौन से आपातकालीन शक्तियां प्राप्त है और वह किस स्थिति में इमरजेंसी की घोषणा करता है? हम…

क्या राष्ट्रपति किसी गलत कानून को बनने से रोक सकता है?

भारतीय राष्ट्रपति की वीटो शक्तियां

अपने शाब्दिक रूप में वीटो निषेधाधिकार या रोकने की शक्ति के लिए प्रयुक्त होता है| यह अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग मायने में प्रयोग किया जाता है| भारत के राष्ट्रपति की वीटो शक्तियां संसद द्वारा पारित विधेयक के संदर्भ में होती है| राष्ट्रपति को संसद द्वारा पारित विधेयक के संबंध में वीटो की शक्तियां संविधान द्वारा प्रदान की गई है| इस शक्ति को प्रदान करने का उद्देश्य है- संसद को जल्दबाजी और सही ढंग से विचारित…

क्या आप जानते है की भारत के राष्ट्रपति को क्या-क्या शक्तियाँ प्राप्त है?

हम इस आर्टिकल में भारत के राष्ट्रपति के प्रमुख कार्य एवं शक्तियों की चर्चा करेंगें| भारत में राष्ट्रपति राष्ट्र तथा सरकार दोनों के औपचारिक प्रमुख होते है| उसे औपचारिक रूप से बहुत सी कार्यकारी, विधायी, वित्तीय, न्यायिक या क़ानूनी, कुटनीतिक, सैन्य, वीटो व आपातकालीन शक्तियां प्राप्त होती है| हालाँकि संसदीय व्यवस्था होने के नाते राष्ट्रपति वास्तव में इन शक्तियों का प्रयोग मंत्रिपरिषद की सलाह पर ही करता है|  इस पोस्ट में हम देखेंगे की भारत…

राष्ट्रपति और राज्यपाल की क्षमादान शक्ति

राष्ट्रपति और राज्यपाल की क्षमादान शक्ति

भारत के राष्ट्रपति भारत के अधिकारिक प्रमुख होते है जबकि राज्यपाल राज्य के कार्यकारी प्रमुख होते है| हालाँकि संविधान में इन्हें नाममात्र का कार्यकारी प्रमुख बनाया गया है तथापि इनकी भूमिका को रबड़ की स्टाम्प की तरह नही बनाया गया है| इन्हें संविधान द्वारा कई परिस्थितियों में विभिन्न शक्तियां प्रदान की गई है| इन शक्तियों में क्षमादान की शक्ति को प्रमुख कहा जा सकता है| हम यहाँ इन्ही के बारे में चर्चा करेंगे| हम देखेंगे…

राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की शक्ति की जानकारी हिंदी में

राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की शक्ति

राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की शक्ति को राष्ट्रपति की प्रमुख शक्ति एवं कार्य कहा जा सकता है| भारत के राष्ट्रपति अधिकारिक रूप से भारत राज्य के प्रमुख होते है और  हालाँकि वास्तविक अर्थो में सरकार का प्रमुख प्रधानमंत्री होते है एवं राष्ट्रपति प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद के सलाह के अनुसार कार्य करता है| भारतीय संविधान द्वारा राष्ट्रपति को कई तरह की शक्तियां, कार्य, कर्तव्य एवं दायित्व प्रदान किये गये है| इनमें राष्ट्रपति की…